विशुद्ध वाणी

विशुद्धवाणी लाईव चैनल

💯 जिनके परिणाम गोल – गोल मोड़ेदार होते हैं । जिनके परिणाम हैं गोल – गोल , वे सब नरक में जायेंगे💯
👍 जैसे जलेबी में रस भरा हुआ है और रस में तुम चिपक रहे हो । ऐसे – ही जिसके परिणामों में विषय – कषायों का रस टपक रहा है और वक्र परिणति है , ऐसे जीव की ही नरक जाने की गति है👍
💯 सिद्ध बनने के लिए कुछ भी नहीं करना पड़ता । “ अकर्तृत्व स्वरूपोऽहम् ” – अकर्तृत्व स्वरूप पर दृष्टि है , वह भावी सिद्ध है💯
कर्तृत्व दृष्टि है तो भावी नारकी है।जितने घर,परिवार , समाज,राष्ट्र,विश्व में दु:खी हैं,दु:ख का हेतु है कर्ताबुद्धि ।
👌मैंने किया – मैंने किया । तूने क्या किया ? नरक का द्वार ही खोला है , औरकुछ नहीं किया । किसी के कर्म को आप बदल पाओगे क्या ? किसी के पुण्य – पाप को मिटा पाओगे क्या👌
किसी का पुण्य नहीं बदलता , किसी का पाप नहीं बदलता । परन्तु पर के राग में स्वयं पापी अवश्य हो जाता है । विश्वास रखना , जितने पापी हुए , हो रहे , होंगे , सब पर के राग में होंगे

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📝 वैभव बड़ामलहरा
विशुद्ध देशना प्रसारण केंद्र

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