● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● स्वाध्याय

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

Day 02 : : तत्त्वसार गाथा 02 – 03
ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामी
प्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर

तच्चं बहु-भेय-गयं
पुव्वायरिएहिं अक्खियं लोए।
धम्मस्स वत्तणट्ठं
भवियाण पबोहणट्ठं च ।।2।।

एगं सगयं तच्चं
अण्णं तह परगयं पुणो भणियं ।
सगयं णिय-अप्पाणं
इयरं पंचावि परमेट्ठी ।।3।।

Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें
⬇️

नए सदस्यों के लिए : स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 पर डॉ. पुलक गोयल से सम्पर्क कीजिए।

★Share in all ur Jain groups★

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *