शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍
शुद्धि_ग्राही- महावीर प्रसाद की फिल्म वैविध्य लिये हुए हैं। वह अभी भी जारी है वे भाँति-भाँति के दृश्य देख रहे हैं। हर दृश्य में विद्या है। वे आगे देखते हैं।
विद्या को गाँव या शहर का वातावरण नहीं, अपनत्व पूर्ण वातावरण पसंद है। कस्बा के रंग ढंग पसंद हैं। प्रेस किये हुए कपड़े पहनता है। उसके कपड़े कोई बेवजह नहीं छू सकता है। बिस्तर को कोई हाथ नहीं लगा सकता। ‘शुद्ध रहने’ और ‘शुद्ध रखने’ की एक कामना पलपल उसके भीतर रची पची मिलती है।
पोस्ट-61…शेषआगे…!!!

