भारत🇮🇳 को #प्रतिभारत😍 बनाने के लिए 5 भय को बदलना होगा। – आचार्य भगवन #विद्यासागर जी महाराज
१.भाषा- हिंदी भाषा को प्रमुखता देनी होगी। अंग्रेजी भाषा के चलन से हम डिग्रियां तो हासिल कर रहे है लेकिन ज्ञान, अनुभव शून्य होता चला रहा है।
गुरु कृपा आज आचार्य श्री जी के आशीष से 2000 से भी अधिक बेटियां प्रतिभास्थली संस्थान में हिंदी माध्यम से अध्ययनरत है।
२.भोजन- फ़ास्ट फ़ूड को छोड़कर पास्ट फ़ूड (भारतीय भोजन) को अपनाना होगा । Fast food आज कैंसर जैसे अनेक रोगों का कारक हैं।
गुरुकृपा गुरुजी के आशीष से संचालित मैत्री पूरी द्वारा शुद्ध – वस्तुओं का उत्पादन चल रहा है, वही वैशाली जैन मुंबई द्वारा Past food (भारतीय रसोई पर आधारित पुस्तिका) द्वारा शुद्धता से पूर्ण वस्तुओं को घर पर ही बनाने की विधा दर्शाई गई है।
३.भूषा- भारतीय परिधान ही हमारे योग्य है क्योंकि इन्ही के माध्यम से शरीर निरोगी रह सकता है जबकि विदेशी वस्त्र अनेक रोगों का कारक बन रहे है।
गुरुकृपा गुरुजी ने श्रमदान हथकरघा की प्रेरणा देकर लोगो को जहाँ अहिंसक रोजगार दिया, वही जन जन के लिए शुद्ध परिधान उपलब्ध हुए।
४. भेषज- अर्थात शुद्ध आयुर्वेदिक औषधि को अपनाना होगा। जल्द उपचार पाने के चक्कर मे हम अन्य उपचार को अपनाते हैं. इसलिए हम संसार से भी जल्दी जा रहे है।
गुरुकृपा- गुरु जी द्वारा प्रस्तावित पूर्णायु संस्थान, जबलपुर के माध्यम से हम सभी को आयुर्वेदिक उपचार मिल रहा है जो रोग का जड़ से प्रतिकार करता है साथ ही कोई नुकसान दायक प्रभाव भी नही छोड़ता शरीर पर
५. भाव- भावों की शुद्धता के लिए हमे भारतीय ग्रन्थों का आलोड़न करना चाहिए, साथ ही विशुद्धता प्राप्त गुरुओं का आलंबन लेना चाहिए।
गुरुकृपा- गुरुजी द्वारा शुद्ध चैतन्य कृतियां के सृजन से जन जन के भावों को शुद्धता प्राप्त हो रही है।
7 मई 2021
संकलन : मुनिश्री #संधानसागर जी महाराज

