👉वीर निर्वाण सम्वत -2547 -48 , विक्रम सम्वत – 2078
19 मई , 2021 बुधवार , बैशाख माह , शुक्ल पक्ष, सप्तमी
वास्तु की चार में से दूसरी इकाई (घटक ) भवन निर्माण कहलाती है।
👉भवन बनाने से पहले शिल्प शास्त्रों के नियमो का पालन करते हुए नक्शा तैयार करवाना चाहिए।
जिसमे भूमि की दिशानुसार दिशा एवं एवं भवन का आतंरिक एवं बाहरी संरचना तैयार की जाती है।
जिसमे भवन निर्माण के लिए दिशा के साथ निर्माण में आसपास भूमि पर बने भवन, खाली भूखंडो, सड़क , पहाड़ी आदि का विचार भी करना आवश्यक होता है।
( यहीं वास्तु का दूसरा घटक – भवन निर्माण कहलाता है। )
वर्तमान में कोरोना काल के कारण ऑनलाइन (वीडियो कॉल , भवन का नक्शा एवं कॉल ) के माध्यम से विजिट की जा रही है , जो होम विजिट के मुकाबले बहुत किफायती होती है।
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(आधुनिक मशीनों द्वारा भूमि – भवन की ऊर्जा टेस्ट करवाइये )
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👉नक्षत्र -अश्लेशा
👉चन्द्र – कर्क – 15:48 तक
( आज जन्म लेने वाले बच्चो की कर्क राशि – 15:48 तक होंगी
👉 अभिजित – कोई नहीं
👉 राहुकाल -12:23 से 14:05
👉 दिशा शूल – उत्तर
👉 अग्निवास- पृथ्वी – 12:50 तक मे
सूर्योदय – 05:38
सूर्यास्त – 19:09
➡️दिन का चौघड़िया >
लाभ – उन्नति
05:37 से 07:19
अमृत – सर्वोत्तम
07:19 से 09:00
काल – हानि
09:00 से 10:42काल वेला
शुभ – उत्तम
10:42 से 12:23
रोग – अमंगल
12:23 से 14:05वार वेला Rahu Kalam
उद्वेग – अशुभ
14:05 से 15:47
चर – सामान्य
15:47 से 17:28
लाभ – उन्नति
17:28 से 19:10
🌙रात्रि का चौघड़िया >
उद्वेग – अशुभ
19:10 से 20:28
शुभ – उत्तम
20:28 से 21:47
अमृत – सर्वोत्तम
21:47 से 23:05
चर – सामान्य
23:05 से 24:23+
रोग – अमंगल
24:23+ से 25:42+
काल – हानि
25:42+ से 27:00+
लाभ – उन्नति
27:00+ से 28:18+काल रात्रि
उद्वेग – अशुभ
28:18+ से 29:37+
वास्तु कंसलटेंट
( 20 वर्षो से निरंतर )
राकेश जैन हरकारा
फ्यूचर वास्तु जयपुर
,Mob- 9414365650
( परामर्श ऑफिस और फोन दोनों पर सशुल्क है )
