👉वीर निर्वाण सम्वत -2547 -48 ,
विक्रम सम्वत – 2078
17 मई , 2021 सोमवार , शुक्ल पक्ष, पंचमी
🙏वास्तु के चार घटक बताये गए गए है। 🙏
👉पहला – प्राणउर्जा (अर्थात भूमि और वातावरण की ऊर्जा )
👉 दूसरा – भवन ( शिल्प कला के अनुरूप भवन का निर्माण )
👉तीसरा – उस भवन में रहने वाले लोग ( वहा रहने वाले लोगो के आचार विचार )
👉 चौथा घटक है – समय ( कार्य प्रारम्भ करने का समय / मुहूर्त )
( किसी पदार्थ की इकाई को घटक कहते है )
✅वास्तु के बारे में कोई भी निर्णय लेने से पहले इन चारो घटक पर अध्यन आवश्यक है।
सुख शांति और सफलता के लिए चारो घटक का अनुकूल होना आवश्यक है 🙏
(आधुनिक मशीनों द्वारा भूमि – भवन की ऊर्जा टेस्ट करवाइये )
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👉नक्षत्र -पुनर्वसु
👉चन्द्र – मिथुन – 06:53 तक बाद में कर्क
( आज जन्म लेने वाले बच्चो की मिथुन – 06:53 तक बाद में कर्क राशि होंगी
👉 अभिजित – 11:56 से 12:50
👉 राहुकाल -07:19 से 09:01
👉 दिशा शूल – पूर्व
👉 अग्निवास- पृथ्वी – 11:34 तक
सूर्योदय – 05:38
सूर्यास्त – 19:09
➡️दिन का चौघड़िया >
अमृत – सर्वोत्तम
05:38 से 07:19
काल – हानि
07:19 से 09:01काल वेला Rahu Kalam
शुभ – उत्तम
09:01 से 10:42
रोग – अमंगल
10:42 से 12:23
उद्वेग – अशुभ
12:23 से 14:05
चर – सामान्य
14:05 से 15:46
लाभ – उन्नति
15:46 से 17:27वार वेला
अमृत – सर्वोत्तम
17:27 से 19:09
🌙रात्रि का चौघड़िया >
चर – सामान्य
19:09 से 20:27
रोग – अमंगल
20:27 से 21:46
काल – हानि
21:46 से 23:05
लाभ – उन्नति
23:05 से 24:23+काल रात्रि
उद्वेग – अशुभ
24:23+ से 25:42+
शुभ – उत्तम
25:42+ से 27:00+
अमृत – सर्वोत्तम
27:00+ से 28:19+
चर – सामान्य
28:19+ से 29:38+
वास्तु एवं ज्योतिष कंसलटेंट >> ( 20 वर्षो से निरंतर )
राकेश जैन हरकारा ,Mob- 9414365650
( परामर्श ऑफिस और फोन दोनों पर सशुल्क है )
