देशनोदय चवलेश्वर
*निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्रमण संस्कृति संस्थान प्रदाता 108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन मे कहा
रात में जागते हैं और दिन में सोते हैं उसे प्रकृति उल्लू चमगादड़ आदि बनाती है
1.कमाई के साथ पाप बढ रहे-सुख के जितने जितने साधन बडते गए उनके पापाचार बढते गए धर्म नहीं बड़ा हमारे पाप बढ़ते जा रहे हैं दान नहीं बढ़ पा रहा है हमारी कमाई जितनी बढ़ती जा रही है लेकिन उसके अनुसार दान नहीं बड़ पा रहा है।
2.उल्लु कोन बनेगा-जो रात में जागते हैं और दिन में सोते हैं उसे प्रकृति उल्लू चमगादड़ आदि बनाती है जो प्रकृति के विरोध में कार्य करता है उनको सजा मिलती है रात में जागते हो तो समझ लेना अगला भव उल्लू आदि पर्याय में मिलता है।
3.स्वाध्याय व प्रवचन अन्तर-जब स्वाध्याय होता है तब सत्य धर्म का ज्ञान होता है प्रवचन जब होता है तब भाषा समिति से होता है स्वाध्याय जब होता है सच्चे धर्म का होता है उसमे श्रोता पत्ता होते हैं कि कौन है सत्य धर्म को पचाना पड़ता है तो कड़वा होता है तब सत्य कठवा होता हैं स्वाध्याय मे श्रोता देख लिया जाता है कि कोन है नही तो स्वाध्याय बंद कर दिया जाता हैं प्रवचन सब भक्तों और विरोधी दोनो सुन सकते हैं।
4.साक्षी बने-जो कोई भी है वो सारी प्रकृति है उसको अनदेखा नहीं करना प्रकृति की हर चीज के साक्षी है जो अपने मनमर्जी से रहता है वह उद्दंड बालक कहा हैं।
5.जो सच्ची सरकार होती है उसको जब कोई महामारी हो कोई परेशानी आती हैं तो जो शक्तिवान है उनको अपना कर सरकार को देकर खजाना भर देना चाहिए।
प्रवचन से शिक्षा-सुख के जितने जितने साधन बडते गए उनके पापाचार बढते गए धर्म नहीं बड़ा हमारे पाप बढ़ते जा रहे हैं
सकंलन ब्र महावीर 7339918672 परम गुरु भक्त1मई2021
नमनकर्ता-विजय जैन,दीपा जैन राजेश जैन,संध्या जैन,समृद्धि जैन,चारुल जैन,पारसनाथ गजरथ मंदिर रोहतक
पुज्य सुधासागर जी के प्रवचनांश व अमृत सुधावाणी के लिए जुडे
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