⏱ दैनिक पंचांग ✍️
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👉वीर निर्वाण सम्वत -2547 -48 , विक्रम सम्वत – 2078
29 अप्रैल , 2021 गुरूवार , वैशाख कृष्ण पक्ष, तृतीया
👉 > रोगो की उत्पत्ति में कारण यह वास्तु दोष
ईशान कोण (उत्तर – पूर्व ) एवं भवन के मध्य भाग में किले , बोरिंग , तराजू , शौचालय , गंदा टैंक , टूटा -फूटा लोहा आदि होना कई तरह की बीमारियों में कारण बनते है।
जैसे माइग्रेन , पेट से सम्बंधित रोग आदि जिनके कारण आँखों की रोशनी भी कम होने लगती है।
फैक्ट्री , भूमि , भवन आदि की एनर्जी टेस्ट करवाकर सही मार्गदर्शन प्रात करे।
👉नक्षत्र – अनुराधा
👉चन्द्र – वृश्चिक
( आज जन्म लेने वाले बच्चो की वृश्चिक होंगी
👉 अभिजित – कोई नहीं
👉 राहुकाल – 13:58 से 15:37
👉 दिशा शूल – दक्षिण
👉 अग्निवास- पृथ्वी
सूर्योदय – 05:51
सूर्यास्त – 18:58
➡️दिन का चौघड़िया >
शुभ – उत्तम
05:42 से 07:21
रोग – अमंगल
07:21 से 09:00
उद्वेग – अशुभ
09:00 से 10:39
चर – सामान्य
10:39 से 12:19
लाभ – उन्नति
12:19 से 13:58
अमृत – सर्वोत्तम
13:58 से 15:37Rahu Kalam
काल – हानि
15:37 से 17:16काल वेला
शुभ – उत्तम
17:16 से 18:55वार वेला
🌙रात्रि का चौघड़िया >
अमृत – सर्वोत्तम
18:55 से 20:16
चर – सामान्य
20:16 से 21:37
रोग – अमंगल
21:37 से 22:57
काल – हानि
22:57 से 24:18+
लाभ – उन्नति
24:18+ से 25:39+काल रात्रि
उद्वेग – अशुभ
25:39+ से 27:00+
शुभ – उत्तम
27:00+ से 28:20+
अमृत – सर्वोत्तम
28:20+ से 29:41+
वास्तु एवं ज्योतिष कंसलटेंट >> ( 20 वर्षो से निरंतर )
राकेश जैन हरकारा ,Mob- 9414365650
( परामर्श ऑफिस और फोन दोनों पर सशुल्क है )
