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👉वीर निर्वाण सम्वत -2547 -48 , विक्रम सम्वत – 2077
18 अप्रैल , 2021 रविवार , चैत्र शुक्ल पक्ष , षष्ठी

👉 > तीसरा काल सुखमा-दुखमा नाम से आता है उसके समाप्त होने में जब पल्य का आठवा भाग शेष रह जाता है तब कुलकरों की उत्पत्ति प्रारम्भ होती है। और वो क्रम से 14 उत्पन्न होते है।

जिसमे पहले कुलकर श्री प्रतिश्रुति जी ने सूर्य चन्द्रोदय का भय मिटाया , दूसरे कुलकर श्री सन्मति जी ने तारा आदि का भय मिटाया ।
इस प्रकार कुलकारो ने सूर्य , चंद्र और तारा आदि की गणना से तिथि ,नक्षत्र , वार आदि का निर्माण किया।

जिनवाणी के 14 पूर्वो में से एक दसवें विद्यानुप्रवाद पूर्व में अनेक अतिशय संपन्न विद्याओ जैसे मंत्र साधन आदि , धना प्रयोग, आराधना विराधना सहित समस्त विद्याओ का ज्ञान सूत्रों के रूप समाहित है।

और उसी से ज्योतिष ग्रंथो का सरल भाषा में अनुवाद होकर हमारे जीवन लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
(वो बात अलग है की काल प्रभाव से इस ज्ञान का भी दुरुपयोग बहुत होने लगा है। )

सफलता के लिए फैक्ट्री , भूमि , भवन आदि की एनर्जी टेस्ट करवाकर सही मार्गदर्शन प्रात अवश्य करना चाहिए।

👉नक्षत्र – षष्ठी –
👉चन्द्र – मिथुन
( आज जन्म लेने वाले बच्चो की मिथुन होंगी

👉 अभिजित – 12:01 से 12:52
👉 राहुकाल – 17:16 से 18:53
👉 दिशा शूल – पश्चिम
👉 अग्निवास- पृथ्वी

सूर्योदय – 06:07
सूर्यास्त – 18:49

➡️दिन का चौघड़िया >

उद्वेग – अशुभ
06:00 से 07:37
चर – सामान्य
07:37 से 09:13
लाभ – उन्नति
09:13 से 10:50
अमृत – सर्वोत्तम
10:50 से 12:26वार वेला
काल – हानि
12:26 से 14:03काल वेला
शुभ – उत्तम
14:03 से 15:39
रोग – अमंगल
15:39 से 17:16
उद्वेग – अशुभ
17:16 से

🌙रात्रि का चौघड़िया >

शुभ – उत्तम
18:53 से 20:16
अमृत – सर्वोत्तम
20:16 से 21:39
चर – सामान्य
21:39 से 23:03
रोग – अमंगल
23:03 से 24:26+
काल – हानि
24:26+ से 25:49+
लाभ – उन्नति
25:49+ से 27:12+काल रात्रि
उद्वेग – अशुभ
27:12+ से 28:36+
शुभ – उत्तम
28:36+ से 29:59+

वास्तु एवं ज्योतिष कंसलटेंट >> ( 20 वर्षो से निरंतर )
राकेश जैन हरकारा ,Mob- 9414365650
( परामर्श ऑफिस और फोन दोनों पर सशुल्क है )

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