धर्म नगरी आयोध्या के इतिहास में निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज स संघ का भव्य मंगल प्रवेश

आयोध्या और सम्मेदशिखर का अपने आप में शास्वत सम्वंध है”-निर्यापक श्रमण समतासागर महाराज धर्मनगरी आयोध्या के इतिहास में वह स्वर्णिम पल आ ही गया जब आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागरजी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज मुनि श्री पवित्रसागर महाराज, मुनि श्री बासूपूज्यसागर महाराज, मुनि श्री अतुलसागर महाराज, ऐलक श्री निश्चयसागर […]

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