सारांश
आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज की 557 दिन की अनवरत मौन साधना और सिंह निष्क्रिय व्रत 28 जनवरी को यानी शुक्रवार को पूरा हो रहा है। महोत्सव कमेटी और प्रशासन की महापारणा महोत्सव की तैयारियां में जुटा हुआ है। पढिए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज की मौन साधना के अनवरत 557 दिन और सिंह निष्क्रिय व्रत के पूरे होने में अब कुछ दिन ही शेष हैं। 21 जुलाई, 2021 से शुरू हुआ यह व्रत 28 जनवरी को यानी शुक्रवार को पूरा हो रहा है और पूरा देश इस विशेष महापारणा महाप्रतिष्ठा महामहोत्सव मनाने के लिए जुट चुका है। इसकी तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।
कई हस्तियां आमंत्रित
महोत्सव का साक्षी बनाने के लिए कमेटी द्वारा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू , उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के साथ अनेक बड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। यही नहीं, योग गुरु बाबा रामदेव न केवल इस ऐतिहासिक समारोह के साक्षी बनेंगे, बल्कि 29 जनवरी को एक विशेष योग सभा का आयोजन कर रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड में
जैन समाज ही नहीं, पूरा प्रशासन भी अलर्ट मोड में है और सभी तरह की सुविधाएं आने वाले यात्रियों को देने के लिए पूरी तरह जुटा हुआ है। ध्यान रहे आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी ने इस साधना के काल में बहुत बड़ा समय स्वर्ण भद्र कूट पर बिताया, जहां पर सर्दियों में तापमान शून्य के आसपास या नीचे तक चला जाता है। ऐसे में दिगंबर संत की तपस्या की पराकाष्ठा, व्रत के साथ जैसे आसमान को भी नीचे आने को आतुर कर देती है।
पूरे मधुबन क्षेत्र का खाना कमेटी द्वारा
मौन साधना, उपवास की शृंखला, जिसमें 557 दिनों में सिर्फ 61 दिन पारणा होती है और 496 दिन उपवास रहता है। इस महापारणा महाप्रतिष्ठा में 7 दिनों तक इस क्षेत्र में पूरे मधुबन में हर दिन सुबह और शाम का भोजन, सारे लोगों के लिए एक ही जगह पर बनेगा, ऐसी व्यवस्था भी कमेटी द्वारा की जा रही है।
