गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का भट्टारक जी की नसियां में गुरु चरण वन्दना के लिए हुआ भव्य मंगल प्रवेश – भट्टारक जी की नसियां में जयकारों के बीच आचार्य सुनील सागर-शशांक सागर महाराज ससंघ से हुआ भव्य मंगल मिलन

JAIN SANT NEWS जयपुर

गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का भट्टारक जी की नसियां में गुरु चरण वन्दना के लिए हुआ भव्य मंगल प्रवेश – भट्टारक जी की नसियां में जयकारों के बीच आचार्य सुनील सागर-शशांक सागर महाराज ससंघ से हुआ भव्य मंगल मिलन

जयपुर

–भट्टारक जी की नसियां में शनिवार को दिगम्बर जैन सन्तों के मिलन का अदभुत दृश्य देखने को मिला।मौका था आचार्य सुनील सागर, आचार्य शशांक सागर महाराज एवं गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ के गुरु चरण वन्दना मिलन समारोह का।इस मौके पर आयोजित धर्म सभा में समवशरण में विराजमान आचार्य सुनील सागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि गुरु एवं माता पिता से बढ़कर कुछ नहीं है। यदि इनके चरणों को छू लिया तो समझो चारों धाम की यात्रा हो गई। गुरुओं के वचन फलते हैं । जीवन में वात्सल्य का बडा ही महत्व है। परिवार में,समाज में वात्सल्य होना चाहिए ।

माईण्ड सेट हो तो जिन्दगी आबाद हो जाती है। माइण्ड अप सेट हो तो जिन्दगी बर्बाद हो जाती है। कुएं का पानी अनन्त जीवों की रक्षा का केन्द्र है । मुनि राजों एवं आर्यिका माताजी की भक्ति से गृहस्थी के पाप धुलते हैं । धर्म सभा के शुभारंभ पर गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी चातुर्मास व्यवस्था समिति एवं पदमपुरा कमेटी के पदाधिकारियों ने चित्र अनावरण,दीप प्रज्ज्वलन किया। गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने प्रवचन में कहा कि धर्म से जुड़ जाता है वो अपने जीवन में सेट हो जाता है। गुरु,सेवा धर्म की प्रभावना में जयपुर वासी आगे रहते हैं मन में पक्के भाव हो तो सब काम हो जाते हैं बहानें बनाना खुद के जीवन को पीछे करना है।घर में बड़े बुजुर्गो की सेवा करनी चाहिए वात्सल्य से समाज परिवार चलाया जाता है जीवन में धर्म का बड़ा ही महत्व है

इससे पूर्व

माताजी ससंघ का गाजे बाजे से भव्य जुलूस के रूप में शनिवार को भट्टारक जी की नसियां में आचार्य सुनील सागर एवं आचार्य शशांक सागर महाराज की गुरु चरण वंदना हेतु भव्य मंगल हुआ। नसियां के मुख्य द्वार पर दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी कमेटी की ओर से अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल एवं मानद् मंत्री महेन्द्र कुमार पाटनी के नेतृत्व में माताजी के पाद पक्षालन एवं मंगल आरती की गई।

मंदिर दर्शन के बाद माताजी ने आचार्य श्री सुनील सागर एवं आचार्य शशांक सागर महाराज की तीन परिक्रमा लगाकर गुरु चरण वन्दना की।तथा कुशलक्षेम पूछी।द्वय आचार्यों ने माताजी ससंघ को आशीर्वाद प्रदान किया। भव्य मिलन एवं गुरु चरण वन्दना के इस अदभुत एवं अनूठे दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण उमड़ पड़े।पूरा नसियां परिसर जयकारों से गुंजायमान हो उठा। आचार्य श्री को श्रीफल भेंट करने के बाद


मंच पर गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी चातुर्मास कमेटी के हेमन्त सोगानी, प्रदीप जैन, विनोद जैन कोटखावदा, जे एम जैन,चेतन जैन निमोडिया,दीपक बिलाला,अजय बड़जात्या, भारत भूषण अजमेरा, शुभकामना परिवार के जय कुमार कोठ्यारी ,विवेक सेठी आदि का आचार्य सुनील सागर चातुर्मास कमेटी की ओर से देव प्रकाश खण्डाका,ओम प्रकाश काला ‘मामाजी’, रुपेन्द्र छाबड़ा, राजेश गंगवाल, राजीव जैन गाजियाबाद, शान्ति कुमार सोगानी ,विनय सोगानी,विनोद तिजारिया, सतीश अजमेरा आदि ने तिलक, माल्यार्पण व दुपट्टा पहनाकर स्वागत व सम्मान किया।


आचार्य श्री के पाद पक्षालन एवं जिनवाणी भेंट करने का पुण्यार्जन वैशाली नगर निवासी वीर चन्द-ऊषा, गजेन्द्र, प्रवीण, विकास,प्रिया बड़जात्या एवं परिवारजनों ने किया। राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने अपने जन्म दिन के उपलक्ष्य में आचार्य श्री सुनील सागर, आचार्य शशांक सागर एवं गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी से श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कमेटी की ओर से कल्पद्रुम महामण्डल विधान के सौधर्म इन्द्र शान्ति कुमार सोगानी जापान वालों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। पूरा सभागार जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

मंच संचालन इन्दिरा बड़जात्या ने किया।

 
इससे पूर्व माताजी ससंघ का मालवीय नगर के सैक्टर 3 स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार हुआ जो जेएलएन मार्ग, सौम्य मार्ग, गांधीनगर, बापू नगर , राम बाग सर्किल होते हुए रिजर्व बैंक पहुंचा जहां से विशाल जुलूस नसियां के लिए रवाना हुआ। जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य किये तथा नाचते गाते जुलूस में शामिल हुए।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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