स्म्रति का झरोखा जब गणिनी आर्यिका विशिष्टमती माताजी का मंगल विहार गुरु माँ विशुद्धमति माताजी के चरणों से उपसंघ के रूप में हुआ था गणिनी आर्यिका विशिष्टमति माताजी उपसंघ मंगल विहार देवली की और हुआ था
टोंक
सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री गणिनी आर्यिका 105 विशुद्धमति माताजी की शिष्या गणिनी आर्यिका 105 विशिष्टमति माताजी उपसंघ का मंगल विहार जब देवली की और हुआ था तब की यह स्म्रति है कि विहार से पूर्व गणिनी आर्यिका विशिष्टमति माताजी उपसंघ द्वारा गुरु माँ की चरण वंदना की और गुरु माँ का पाद प्रक्षालन किया यह क्षण बडे ही भावुक थे
इसके उपरांत गणिनी आर्यिका विशिष्टमति माताजी की संघस्थ माताजी ने चरण वंदना की और माताजी का पाद प्रक्षालन किया वहाँ एक अलौकिक उदाहरण विनय सम्पन्नता भावना का प्रस्फुटित हुआ था। उस समय


गणिनी आर्यिका विशिष्टमति माताजी संघ का रात्रि विश्राम सुधासागर पब्लिक स्कूल में हुआ मेंहंदवास होते हुए देवली की और हुआ था।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की यह रिपोर्ट
