वागड़ की वयोवृद्ध मातृ शक्ति की जयपुर में पूज्य गुरुदेव के कर कमलों से जैनेश्वरी दीक्षा –
जयपुर
डूंगरपुर जिले के पड़वा निवासी वयोवृद्ध अम्मा हिम्मत देवी धर्म पत्नी स्व.तेजपाल विरदावत जिन्होंने 28 वर्षो पूर्व अपने पति के देहांत के उपरांत अधिकांश समय साधु भगवंतो के आहारदान निमित्त सेवा – वैयावृत्ती में निकाला।ऐसी सुश्रविका हिम्मत देवी अपने इस जीवन के अंतिम क्षणों को त्याग -तपस्या व साधना संयम के साथ बिताकर उत्तम समाधि व आत्म कल्याण के नेक उद्देश्य के साथ पूज्य चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुनील सागर जी गुरूराज के पावन चरणो में पधारकर 15 oct2022 कोजैनेश्वरी दीक्षा का निवेदन किया ।

जिनकी अनुमोदना स्वीकृति हेतु उनके सुपुत्र मांगीलाल ,भूपेंद्र जी
पड़वा व सुपुत्री देवी प्रभा भी सम्मिलित थे,विशेष शुभ परिचय की भव्यात्मन हिम्मत देवी संघस्थ ब्रह्म शुभम भैया की नानी जी है।
जिस पर आज दिनांक 15 oct को प्रातः शुभ वेला में ब्रह्म हिम्मत देवी को आचार्य श्री सुनील सागर जी गुरूराज द्वारा जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की गई।
आपको बता दे वागड़ पाडवा की श्रीमती हिम्मत देवी अब पूज्या क्षुल्लिका श्री सत्यमति माताजी के रूप में जग विख्यात है।

अनेकानेक जीवो के तारणहार आचार्य श्री सुनील सागर जी गुरूराज के चरणो में कोटिशः नमन,पावन पूज्य दीक्षा की अनुमोदना
-शाह मधोक जैन चितरी से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
