मनाया गया अमोघमति माताजी का संयम दीक्षा दिवस समारोह

JAIN SANT NEWS मुरार

मुरार.मनोज नायक। परम पूज्य आर्यिका श्री 105 अमोघमति माताजी का प्रथम संयम दीक्षा महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री 105 आर्षमति माताजी इस समय मुरार में चातुर्मासरत हैं, उनकी संघस्थ आर्यिका अमोघमति माताजी को दीक्षा लिये हुये एक वर्ष पूरा होने पर इस पुनीत एवं पावन दिन को संयम दीक्षा दिवस समारोह के रूप में मनाया गया। संयम दिवस समारोह में मंगलाचरण जैन बालिका मंडल, मुरार ने प्रस्तुत किया।

चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन जैन मिलन सिद्धार्थ महिलाओं द्वारा किया गया। इस अवसर पर महिला मंडल द्वारा माताजी को शास्त्र एवं वस्त्र भेंट किये गए। कार्यक्रम के सन्दर्भ में संघस्थ कंचन दीदी ने बताया कि प्रातः अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, भक्तामर विधान, धर्मसभा, दोपहर में भजन संध्या एवं रात्रि में भक्तामर पाठ, दीप-अर्चना का आयोजन किया गया। ज्ञातव्य हो कि आर्यिका अमोघमति माताजी का ग्रहस्थ अवस्था का नाम शीलादेवी जैन था।

आज से लगभग 65 वर्ष पूर्व आपका जन्म ग्राम बमरौली धौलपुर, राजस्थान में दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियाँ परिवार के श्रावक श्रेष्ठि ग्याप्रसाद जैन कोटिया गोत्र में मां नत्थोदेवी जैन की कोख से हुआ था। आप प्रारंभ से ही देव, शास्त्र, गुरु के प्रति श्रद्धा रखती थीं। आपकी ससुराल मुरैना में ग्राम बरेथा निवासी स्व.श्रीनेमीचंद पुत्तुलाल जैन के यहां थी। आपके पति का नाम कैलाशचंद जैन था। आपके दो पुत्र दिनेश जैन, बंटी जैन, एक पुत्री सुषमा जैन, नाती-पंति सहित भरापूरा परिवार है।

आपने पारिवारिक मोह को त्यागकर संयम के मार्ग को अंगीकार किया। आपने परम पूज्य सराकोद्धारक समाधिस्थ षष्टपट्टाचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की छत्र-छाया में रहकर संयम की साधना की। आज से एक वर्ष पूर्व 12 अक्टूबर, 2021 को मुरैना में परम पूज्य सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज से आर्यिका दीक्षा ग्रहण कर, गुरु आज्ञा का पालन करते हुए परम पूज्य गणिनी आर्यिका आर्षमति माताजी के संघ में रहकर साधना करने का निश्चय किया। समारोह में सैकड़ों की संख्या में सधर्मी बन्धु, माता-बहिनें एवं युवा साथी उपस्थित थे। समारोह के पश्चात ज्ञानार्ष वर्षायोग समिति मुरार द्वारा सामूहिक भोज दिया गया।

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