संतशाला का हुआ शिलान्यास- *बरसती बरखा में भी अमृत वाणी की हुई वर्षा*

JAIN SANT NEWS कोटा

संतशाला का हुआ शिलान्यास-
*बरसती बरखा में भी अमृत वाणी की हुई वर्षा*

कोटा,
धर्म एवं धर्म गुरुओं पर यदि सच्ची श्रद्धा हो तो छोटी मोटी बारिश तो क्या तूफानो से भी लड़ने की क्षमता रखता है ऐसा ही उदाहरण आज प्रत्यक्ष देखने को प्राप्त हुआ । अवसर था प्रज्ञाश्रमण बालयोगी मुनि श्री अमित सागर जी मुनिराज के ससंघ सानिध्य में डी.सी.एम. जैन मंदिर प्रांगण में आयोजित संतशाला के शिलान्यास महोत्सव का ।मन्दिर समिति अध्यक्ष आशीष जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि कोटा नगर की सीमा के अंतिम छोर पर बसी डी.सी.एम. कॉलोनी में लगभग 40 वर्ष पूर्व एक जैन मंदिर की स्थापना की गई थी । कैथून की ओर से आने वाले साधु संतों के लिए यहीं कोटा का प्रवेश द्वार होता है किंतु उनके आवास की यहा पर्याप्त सुविधाएं नहीं है, इसलिए स्थानीय समाज ने सम्पूर्ण कोटा जैन समाज के सहयोग से खाली भूखण्ड पर एक भव्य भवन निर्माण की योजना बनाई जहाँ साधु संतों के प्रवास सहित आवश्यकता के आधार पर समाज बंधुओं को भी उपलब्ध करवाया जा सकें ।

संयोग से मुनिसंघ का वर्षायोग कोटा नगर में चल रहा है उनसे निवेदन करने पर मुनिश्री ने इस आयोजन हेतु हमें अपनी स्वीकृति प्रदान की ।प्रातः काल 8:30 बजे जिनाभिषेक के साथ मांगलिक क्रियाएं प्रारम्भ हुई जिसमें प्रकाश जैन दीपपुरा द्वारा ध्वजारोहण, बाबूलाल जी ट्रेड सेंटर द्वारा, दीप प्रज्वलन एवं मुख्य शिलान्यास कर्ता श्री मति वंदना जी बड़जात्या परिवार द्वारा मुख्य शिला की स्थापना की गई।

शरद पूर्णिमा के दिन ही सन्त शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी एवं गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी का जन्म होने के कारण उनका अवतरण दिवस भी मनाया गया, सुंदर द्रव्यों द्वारा गुरुओं की पूजन की गई ।कार्यक्रम संयोजक विशाल जैन ने कहा कि काफी तैयारियो के बावजूद वर्षा को देखते हुए मन मे भय था कि खुले स्थान पर यह आयोजन कैसे होगा । पर मुनिसंघ के मंच पर आते ही वर्षा रुक गई और अनवरत कार्यक्रम 2 घण्टे चला । जैसे ही मुनिश्री का उद्बोधन प्रारम्भ हुआ तो वर्षा प्रारंभ हो गई जैसे मेघ कुमार देव भी इस अमृत वाणी को सुनने आये है, किन्तु इस दौरान एक भी श्रावक टस से मस नहीं हुआ क्योंकि इस वर्षा से ज्यादा उन्हें मुनिश्री के मुखारविंद से झर रही अमृत वर्षा की पिपासा थी । यह किसी अतिशय से कम नहीं ।

कार्यक्रम में सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के अध्यक्ष विमल नांता, राजमल पाटोदी, प्रकाश ठौरा, प्रकाश बज, पीयूष बज, राजेश बन्टी, रितेश सेठी, अनिल ठौरा सहित कई समाज श्रेष्ठियों ने भाग लिया ।इस अवसर पर भवन निर्माण में सहयोग की स्वीकृति देने वाले पुण्यार्जको का भी सम्मान किया गया प्रतिष्ठा निर्देशन प. शैलेन्द्र जी शास्त्री (कटनी), संगीत श्री शिखर पाटोदी एवं मंच संचालन राकेश जैन ‘चपलमन’ ने किया ।
राकेश जैन ‘चपलमन’से प्राप्त जानकारी

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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