आप कलम वाले हैं और हम कमंडल वाले- मुनि श्री विरंजन सागर* संभाग स्तरीय पत्रकार सम्मेलन का आयोजन संपन्न
सागर
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद मध्य प्रदेश शाखा द्वारा परम पूज्य गणाचार्य विराग सागर महाराज के परम प्रभावित शिष्य मुनि श्री विरंजन सागर महाराज ससंघ सानिध्य में संभाग स्तरीय पत्रकार सम्मेलन का आयोजन स्थानीय वर्णी वाचनालय में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बालिका मंडल द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया।



तत्पश्चात चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन अतिथियों सुनील जैन भूतपूर्व विधायक देवरी मुकेश जैन ढाना निधि जैन राजेश रागी




बक्सवाहा पुनीत जैन उपाध्यक्ष नपा एवं गौराबाई मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। पत्रकार संगोष्ठी का मुख्य विषय भारतीय संस्कृति के उत्थान में पत्रकारों की भूमिका के बारे में था।
इस विषय पर संभाग भर के कई पत्रकारों ने अपने विचार रखें। जिनमें प्रमुख रूप से मुकेश जैन ढाना, बक्सवाहा से राजेश रागी, दमोह से आशीष जैन, राजेंद्र जैन अटल ,मानव बजाज, राकेश पलंदी, पथरिया से कवीश सिंघई, अजय सराफ, शाहगढ़ से मनीष विद्यार्थी अखिल जैन सागर, अपने विचार रखें। कार्यक्रम में 70 जैन जैनेतर कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक जनर्लिस्ट मनीष विद्यार्थी शाहगढ़ एवं आलोक जैन सागर ने किया। देवरी के पूर्व विधायक सुनील जैन ने इस अवसर पर कहा कि अगर पत्रकार न हों तो सरकार नेता और अधिकारी निरंकुश हो जाएंगे, भारतीय संस्कृति के प्रत्येक पक्ष को पत्रकार ही सर्वप्रथम आम जनमानस तक ले जाता है, इस अवसर पर पथरिया के युवा पत्रकार कवीश सिंघई ने पथरिया के विरागोदय तीर्थ क्षेत्र में आगामी 1 फरवरी से 15 फरवरी तक होने वाले महा महोत्सव की जानकारी भी दी इस हेतु महा महोत्सव की पत्रिका का विमोचन भी मुनि श्री के सानिध्य में संपन्न हुआ ज्ञातव्य हो की आगामी 1 फरवरी से 15 फरवरी तक पथरिया के विरागोदय तीर्थ क्षेत्र में आचार्य श्री विराग सागर महाराज के सत्संग सानिध्य में यह महोत्सव संपन्न होना है जिसमें देश भर से करीब 400 मुनियों एवं आर्यिकाओं का आगमन होगा, इस हेतु विरागोदय तीर्थ क्षेत्र ने अखिल भारत स्तरीय समिति का गठन भी किया है जिसमें पूरे देश से श्रावक श्रेष्ठी हिस्सा लेंगे इस आयोजन में देश भर से लाखों लोगों के पधारने की उम्मीद की जा रही है।
पत्रकार अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुनि श्री विरंजन सागर महाराज ने कहा की आप कलम वाले हैं और हम कमंडल वाले हम आगम की वाणी को अपने माध्यम से पूरी दुनिया में बोलकर प्रचारित करते हैं और आप कलम के जरिए उस बात को जन जन तक पहुंचाते हैं, वर्तमान परिवेश में हमारी संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति का पदार्पण होता जा रहा है अगर किसी जैन संत का फोटो फेसबुक पर डाल दिया जाए तो फेसबुक संबंधित व्यक्ति की प्रोफाइल ला कर देता है और उस पर लिखा आता है कि यह हमारी संस्कृति के अंतर्गत नहीं तो मैं ऐसे लोगों से कहना चाहता हूं कि दिगंबर मुद्रा तो भारत की संस्कृति है इस देश में हमेशा जैन संत हुए हैं जैन संत का बिछौना जमीन और चादर आसमान ही होता है इसके विपरीत जब फिल्मों की अश्लील तस्वीरें फेसबुक पर वायरल की जाती हैं तब ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाता है यह विषय सोचनीय है। इस अवसर पर समिति द्वारा संभाग भर से पधारे समस्त पत्रकारों का सम्मान भी किया गया।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
