90वर्षीय पारिसाजी कात्राळे गुरुजी गाव-शिरगुप्पी आचार्य श्री को दक्षिण भारत लाने हेतु कर रहे पदयात्रा
उम्र भक्ति श्रद्धा के आगे किसी की मोहताज नही होती वही देखने को मिल रहा है 90वर्षीय पारिसाजी कात्राळे गुरुजी गाव-शिरगुप्पी के जो पहले शिक्षक रहे अब शातिविद्या संस्था द्वारा शांति सदभावना पैदल यात्रा मे चल रहे है प्रतिवर्ष इनका यही क्रम पदयात्रा में देखा जाता इनमें इतनी चुस्ती फुर्ती दिखती है जो आज के युवाओ में भी नजंर नही आती सोशल मिडीया प्रभारी सतोष पांगळ जैन बताते है इनका जोश श्रद्धा को देख सभी गदगद हो जाते है। अपनी थकान को भूल बस गुरु चरणों की और पद विहार को निकल पड़ते है बस लक्ष्य गुरु चरणों की ओर बस विहार हो दक्षिण भारत की और आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का जल्द आगमन हो।
सोशल मिडीया प्रभारी संतोष पांगळ जैन ने बताया कि शांति विद्या सद्भावना की 6 वीं पद यात्रा इस चातुर्मास एलोरा से शिरपुर की और…. अपने छोटे बाबा की एक झलक पाने को निरन्तर बढ़ रहीं है। यात्रियों में ऐसे ऐसे उम्र के यात्री है जिस उम्र में आम तौर पर इंसान अपने घर पर भी बिना सहारे के चलने में इतना सक्षम नहीं रहता। लेकिन गुरुजी के प्रति सभी का पुण्य प्रताप दृढ़ संकल्प सच्ची निष्ठा भक्ति की शक्ति इतनी प्रबल है कि 90 साल या उससे उपर उम्र वाले व्यक्ती भी दौड़े दौड़े चले आ रहे है।

वही यात्रीयो का हाल समाचार एवं मिलने हेतु बा.ब्र.तात्या भैया जी तथा परम गुरु भक्त श्रीमान किरीट भाई दोशी, मुंबई निवासी करीब 100 किलोमीटर दूर सबकी खैरियत हाल देखने पहुंचे।


गौरतलब है कि आगामी 11 अक्टूबर मंगलवार को करीब 1000 यात्रीयो का जत्था शिरपुर अपने छोटे बाबा की एक झलक पाने उनको रिझाने उनको दक्षिण की और विहार करवाने के भाव मन में संजोए आरहे है।_
– प्रचार प्रसार प्रमुख संतोष पांगळ जैन, मुरुड से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
