पूज्य मुनि श्री संथान सागर महाराज सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान शुरू
बड़वानी
पूज्य मुनि श्री संथान सागर जी महाराज का वर्षा योग 2022 पावन तीर्थ बावनगजा में भक्ति भाव के साथ चल रहा है। अनुपम बेला में शनिवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान प्रारंभ हो गया आयोजन के क्रम में घटयात्रा व ध्वजारोहण किया गया। व इस अनुपम बेला में पूज्य मुनि श्री ने के लिए शुद्धि का विशेष महत्व बताते हुए कहा कि कि इस विधान में चार बातों का विशेष ध्यान रखें सिद्धि विशुद्ध अनुशासन और तन्मयता विशेष रूप से जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी कार्य में शुद्धि का विशेष ध्यान रखें इस विषय पर बोलते हुए कहा शुद्धि केवल वस्त्रों की नहीं मन वचन की शुद्धि प्रथम हो वही हमारी शुद्धि विशुद्धि को को बढ़ा सकती है
जिससे कठिनाइयों को हानि हो। मुनि श्री ने बोला इस सिद्धचक्र मंडल विधान ने प्रतिदिन अर्घ की संख्या दुगनी होनी चाहिए समय पर आना, समय पर छोड़ना, साथ ही कैसे बैठना किस तरह चढ़ाना यह सब अनुशासन की श्रेणी में आता है। मुनि श्री ने कहा हमें कवि धनंजय ने की ऐसी भक्ति करना चाहिए। उनके बेटे को सांप द्वारा डस लिए जाने के बाद भी वह भक्ति से चलाएं मान नहीं हुए। ऐसी भक्ति हम सभी को 8 दिनों में तन्मयता तल्लीनता के साथ करना है की। जानकारी अनुसार रविवार को गांधी जयंती की बेला पर पूज्य मुनि श्री के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती अहिंसा एवं गांधी जी के विषय पर प्रवचन होंगे।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
