दीक्षार्थी पुनम दीदी की दीक्षा से पूर्व अपनी जन्मभूमि नगरी में गोद भराई व बिनोलौ यात्रा निकाली गयी
कोटा
बढ चली आर्यिका दीक्षा की और कदम
बाल ब्रह्मचारी दीदी पुनम
छोड़ चली मोह माया बन्धन
बढ़ चली उस कदम ज़हा होते है कर्म दहन
धन्य है दीक्षार्थी पुनम बहन
हाडौती की कोटा नगरी में जन्मी परिवार की सबसे छोटी राजदुलारी पूनम दीदी की दीक्षा से पूर्व भव्य
भव्य गोद भराई एवं बिन्दौरी सकल दि. जैन समाज विज्ञान नगर, कोटा, एवम सकल दि. जैन समाज समिति, कोटा के तत्वावधान समाजजन ने यह भव्य आयोजन किया।
सभी कोटा नगरी के वासी हर्षित नज़र आ रहे थे की उनके मन का भाव था कोटा में जन्मी पूनम दीदी
जिनका बचपन एवं धार्मिक संस्कारों का जन्म कोटा की धर्म परायण नगरी विज्ञान नगर में हुआ वर्तमान में इनका परिवार कोटा के उपनगर रिद्धि-सिद्धि नगर में निवास रत है।
बाल ब्रह्मचारीणी पूनम दीदी की
भव्य जैनेश्वरी दीक्षा दिनांक 05 अक्टूबर 2022
बुधवार(विजयादशमी) को अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी (राज.) में परमपूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री 108 वर्धमानसागर जी महामुनिराज के कर कमलों से संपन्न होने जा रही है। दीदी संसार से विरक्त होकर नारी का सर्वोत्कृष्ट पद आर्यिका दीक्षा को लेकर अपनी मानव देह को धन्य करेंगी।
वही इस क्रम में मंगलवार की बेला में दीक्षार्थी पूनम दीदी की गोद भराई एवं बिन्दौरी का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर विज्ञान नगर, कोटा में आयोजित किया गया। वही गोद भराई के पश्चात भव्य बिन्दौरी सम्पूर्ण दिगम्बर जैन समाज के सानिध्य में विज्ञान नगर जैन मंदिर से प्रारम्भ होकर, कॉलोनी के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मन्दिरजी में सम्पन्न हुई। मार्ग में जगह जगह दीदी की गोद भराई की गई और इनके मार्ग की अनुमोदना कर रहा था औऱ वैराग्य की प्रतिमूर्ति को नमन कर रहा था।
एक परिचय पूनम दीदी का












बाल ब्रह्मचारिणी पूनम दीदी का जन्म 4 मई सन 1996 वैशाख शुक्ल पूनम को हाडौती की नगरी कोटा मे पिता स्व श्री निर्मल जी बाकलीवाल, व म माता श्रीमती कनकलता बाकलीवाल के लालन पालन में हुआ। इन्होंने लौकिक शिक्षा पॉलिटेक्निक सेकंड ईयर तक की साथ ही अपनीधार्मिक शिक्षा दादी एवम जन्म दाता माता पिता से मिली जिसका प्रस्फुटन आज प्रस्फुटित होकर परीलक्षित है। इन्होंने सांसारिक जीवन को त्याग कर आजीवन ब्रहचर्य व्रत को ग्रहण अब आर्यिका दीक्षा की ओर अग्रसर है।
इनकी तीनो बहिन वह भी धर्म से जुड़ी हुई है इनकी एक बहन श्रीमती मेघा महावीर जी बिलाला इंदौर में है श्रीमती नेहा प्रियंक जी सिंधई कोटा में है, श्रीमती,वर्षा रजनीश जी छाबड़ा जयपुर में है। पूनम दीदी को वैराग्य की प्रेरणा आर्यिका 105 विभा श्री माताजी की प्रेरणा और सानिघ्य से मिली। इन्होंने आजीवन शुद्ध जल का नियम वर्ष 2016 मेंपंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज से लिया इसी पायदान पर अग्रसर होते हुए सन 2016 में सिद्ध क्षेत्र ऊन मध्यप्रदेश में वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी से आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत ग्रहण किया ।
अन्य जो जानकारी आप देना चाहे ऊन पंचकल्याणक आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज सानिध्य में हुआ तब तप कल्याणक के दिन
7 दिसंबर 2016 को आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी के संघ में शामिल होने हेतु श्रीफल चढ़ाकर निवेदन किया।
राजेश पंचोलिया इंदौर
संकलन कर्ता
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
