कारागृह भी साधना का स्थान है जिला जेल में आशीष वचन में बोले मुनि श्री विहसंत सागर महाराज

JAIN SANT NEWS भोपाल

कारागृह भी साधना का स्थान है जिला जेल में आशीष वचन में बोले मुनि श्री विहसंत सागर महाराज
भोपाल

जन्म से कोई भी अपराधी नहीं होता वक्त परिस्थितियां और समय व्यक्ति को अपराध करने पर मजबूर कर देती है क्रोध की शुरुआत अज्ञान से और अंत पश्चाताप से होता है यह उद्धार जिला जेल मैं व्यक्त करते हुए आचार्य विराग सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री विहसंत सागर महाराज ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा आपको बंदी नहीं बोलूंगा आप सभी आजाद हैं आपका शरीर तो यहां कैद है पर आपके विचार आपकी सोच और आपकी आत्मा आजाद है विपरीत परिस्थितियों में आपके द्वारा किया गया अपराध अज्ञानता के कारण या आपकी मजबूरी में था या परिस्थिति वश क्रोध के कारण किया गया अब वह सब भूल कर पश्चाताप करने के बाद अपनी सकारात्मक सोच अच्छे व्यवहार आचरण के साथ जीवन शैली में बदलाव लाएं और यहां से निकलने के बाद ऐसे बन कर जाएं कि आपके अपने मित्रों रिश्तेदार आपको सम्मान से देखें और एक मिसाल बने मुनिश्री ने कहा कारावास भी साधना का स्थान आप अपने स्वतंत्र विचारों और सोच को व्यापक बनाते हुए एक सजग भारतीय नागरिक बनकर दिखाएं।

समाज के प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया मुनि श्री के सानिध्य में पौधा रोपा गया और आशीर्वचन के बाद अनेक कैदियों ने गुटखा आदि त्याग करना का संकल्प लिया प्रवचन के पूर्व जिला जेल सरस्वती

कला संगीत अभिनव आर्केस्ट्रा टीम के शिक्षक इम्तियाज अहमद ने तुमसे लागी लगन पारस प्यारा ,,,,मेटो मेटो जी संकट हमारा,,,,,, और उन्हीं की टीम के रिंकू रियाज द्वारा गुरु वंदना संगीत मय स्वर लहरियों के साथ की गई तो संपूर्ण प्रवचन स्थल करतल ध्वनि से गूंज उठा इस अवसर पर डिप्टी सुप्रिडेंट अजय खरे सहायक अधीक्षक दिनेश मुवेल संगीत शिक्षक इम्तियाज अहमद दिगंबर पंचायत कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज बांगा ब्रह्मचारी धर्म भैया निर्मल जैन टी आई डॉक्टर सर्वज्ञ जैन प्रसम जैन मुकेश जैन मनोज जैन दिनेश सिलवानी सहित अनेक धर्मावलंबी मौजूद थे ,,,

अंशुल जैन प्रवक्ता से प्रवक्ता से प्राप्त जानकारी

संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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