दीक्षा की और अग्रसर नेहा दीदी







संयम पथ पर बढ़ती गयी
जीवन को उन्नत करती गयी
त्यागी व्रती से अब दीक्षार्थी हो गयी
अपने जीवन को धन्य कर गयी
संयम पथ पर बढ़ते हुए दीक्षार्थी नेहा दीदी को विजयादशमी को श्री महावीरजी तीर्थ पर वात्सलय वारिधि वर्धमान सागर महाराज के द्वारा आर्यिका दीक्षा प्रदान की जाएगी हम उनके जीवन कृतित्व पर प्रकाश डाल रहे है
परिचय
बाल ब्रह्मचारणी नेहा दीदी का जन्म दिनांक 12 अगस्त 1986 को कैथवाड़ा दिल्ली में हुआ। पिता श्री राकेश जैन माता श्रीमती सरिता जैन की उंगली धाम कर आगे बढ़ती चली गई।
लौकिक शिक्षा पोस्ट ग्रेजुएशन c a की अधूरा कोर्स करने के साथ इन्हो इन्होंने धार्मिक शिक्षा परम पूज्य आचार्य प्रवर108 श्री ज्ञान सागर जी की प्रेरणा से ब्रह्मचर्य व्रत लेकर विगत15 वर्षो से अधिक वर्षो से आप परम पूज्या आर्यिका 105 श्री सृष्टिभूषण माताजी के संघस्थ रही। इनके 1 भाई व1 बहन है।
आर्यिका दीक्षा विजयादशमी को
पूज्या नेहा दीदी नारी का सर्वोत्कृष्ट पद आर्यिका दीक्षा को लेकर अपने जीवन को धन्य कर रही है। इन्हें पंचम
पट्टाधीश आचार्य श्री 108 वर्द्धमान सागर जी के 5 अक्टूबर 2022 विजया दशमी के दिन श्री महावीरजी तीर्थ पर प्रदान की जाएगी। इन्होंने आजीवन ब्रहचर्य व्रत विद्याभूषण.आचार्य 108 श्रीसन्मति सागर जी महाराज से लिया। साथ ही परमपूज्य आचार्य श्री 108सुमति सागर जी महाराज की परम विदूषी शिष्या गणिनी आर्यिका 105 श्री सृष्टिभूषण माताजी जिनको दीक्षा लिए हुए 29 वर्ष हो गए उनके साथ नेहा दीदी परछाई बनकर साथ रही और अब दीक्षा की ओर बढ़ रही है।जिनकी शिष्या बनकर इन्होने धर्म अध्यन किया सृष्टिभूषण माताजी को वर्ष 2019 में अंतर्राष्टीय संस्था से लाइफ अचीवमेंट अवार्ड। मानव रत्न अलंकरण से सुसज्जित किया गया।पूज्य माताजी के विगत 29 वर्षों के संयमी जीवन मे विगत 15 वर्षों से नेहा दीदी संघस्थ है।श्री आदि सृष्ठि कैंसर सेवा ट्रस्ट,
श्री सृष्ठि मंगलम ट्रस्ट आदि विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से नेहा दीदी कैंसर पीड़ित थैले सिमिया आदि गंभीर बीमारियों सहित विकलांग अनाथ बच्चों की शिक्षा महिलाओ के रोजगार वस्त्र, गर्म कपड़े वितरण, ट्राय साइकल,बेसाखी, दवाई वितरण,
गरीब कन्याओ की शादी, रोजगार दिलाना आदि कार्यो में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करती रही है।
महानगर देहली, सिद्ध क्षेत्र श्री सम्मेदशिखर जी, श्री सोनागिर जी, तथा अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में महाव्रतियों, अणुव्रतियों, त्यागियों के लिए शुद्ध आहार की व्यवस्था विगत कई वर्षों से विभिन्न भक्तो दातारो के माध्यम से संचालित है।
राजेश पंचोलिया
वात्सलय भक्त परिवार
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
