कई जन्मों के संचित पुण्यों से मनुष्य जन्म में दीक्षा का अवसर मिलता है दीक्षार्थी ब्रह्मचारिणी साधना दीदी
इंदौर
हम सब का सौभाग्य है कि हमें मनुष्य जन्म मिला है।इसमें भी हमें जैन कुल मिला। जैन धर्म का साथ मिला है। जैन धर्म मिलना अच्छे गुरु का मिलना बहुत ही कई जन्मों के पुण्य से यह अवसर मिलता है।
दीक्षा के बाद ड्रेस एड्रेस और लंच बदल जाएंगे


बचपन से मुझे माता-पिता तथा दादी ने धार्मिक संस्कार दिए हैं। माता पिता के संस्कारों से मुझे आज आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। बहुत अच्छे कर्मों से बहुत अच्छे गुरू मिलते हैं। दीक्षा के बाद ड्रेस एड्रेस और लंच बदल जाएंगे। उन्होंने क्षमायाचना करते हुए कहा की आप लोगों के प्रति अनजाने में जो कुछ भी गलती हुई हो उसके लिए मैं क्षमा चाहती हूं ।और सब के प्रति क्षमा भाव धारण करती हू। यह उदबोधन धर्म सभा मे दीक्षार्थी साधना दीदी ने प्रकट किये।
वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी की शिष्या 7 प्रतिमा धारी ब्रह्मचारिणी साधना दीदी की 5 अक्टूम्बर 2022 को अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी मे आर्यिका दीक्षा होगी। समाज के निवेदन पर नेमिनगर जैन कालोनी दिगम्बर जैन मंदिर इंदौर में मखाने फल सूखे मेवे श्रीफल से दीक्षार्थी दीदी की गोद भरकर बहुमान किया गया।
गृहस्थ अवस्था के भाई अजय एवम राजेश पंचोलिया ने विशेष चर्चा में बताया कि साधना दीदी के पिताजी भी मुनि श्री चारित्र सागर जी महाराज की भतीजी आर्यिका 105 महायशमती माताजी है। आप दोनों की दीक्षा भी आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी द्वारा हुई है। जैन मंदिर में समाज अध्यक्ष सहित समाज ने वैराग्य के कार्यक्रम में शामिल होकर खुशी एवम गर्व महसूस कर दीक्षा की अनुमोदना की ।
प्रातः श्री आदिनाथ चैत्यालय स्कीम no 71इंदौर में दीक्षार्थी साधना दीदी परिजनों द्वारा श्री जी का पंचामृत अभिषेक शांति धारा कर सप्त ऋषि मंडल विधान की विशेष पूजन की गई।शाम को नेमिनगर जैन कालोनी इंदौर से साधना दीदी की हाथी पर शोभायात्रा बिनोरी निकाली गई।
बूंदाबांदी कर इंद्र देवता ने दीक्षार्थी के मार्ग की शुद्धि की
मौसम की भविष्यवाणी भारी वर्षा की संभावना से सब चिंचित थे। इंद्र देवता ने जलूस के पूर्व हल्की बूंदाबांदी कर लगा जैसे दीक्षार्थी के लिए मार्ग की शुद्धि की हो।
जो एक शुभ का संकेत देता है। श्री नेमिनाथ भगवान की आरती के बाद जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मंगलाचरण पश्चात आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के चित्र समक्ष दीप प्रज्वलन नमिष जैन
अध्यक्ष पोरवाड़ समाज इंदौर, सचिव श्रेष्ठी डॉ धीरेंद्र, कैलाश लुहाड़िया, भरत, दिलीप राजपाल, शान्तिकुमार रोकड़िया, महावीर कंठाली महेश्वर, समर कंठाली, प्रकाश जैन, बाल समुंद डॉ प्रतीक एवम नेमि नगर मंदिर के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
मंच संचालन अजय पंचोलिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर पोरवाड़ जैन समाज इंदौर के पदाधिकारियों द्वारा अभिनंदन पत्र का वाचन कर भेंट किया ।

सभी ने रखे अपने विचार
इस अवसर बोलते हुए नमिष जैन ने कहा कि श्री आदिनाथ भगवान की तरह इनके पिता , भाई, भतीजी एवम भाई ने दीक्षा ली है। अब यह भी दीक्षा ले रही है। दिलीप राजपाल ने कहा कि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी मेरे मित्र सहपाठी रहे है। पहले भी पढ़ाई में नंबर एक थे अब सभी आचार्यो में नंबर एक है। प्रतिष्ठाचार्य नितिन झांझरी ने कहा कि प्रेम, पवित्रता, शक्ति ,भक्ति, ओर आत्मा में रमण करने का नाम दीक्षा है।
डॉ प्रतीक , प्रकाश कैलाश लुहाड़िया सुनील ईशान रेखा पतंगिया आदि अनेक वक्ताओं ने दीक्षार्थी के वैराग्य भावना की अनुमोदना की। सभी समाज जनों ने गोद भरकर गर्व महसूस किया। सुदर्शन जटाले ने आभार व्यक्त किया। कंठाली परिवार द्वारा प्रभावना का वितरण किया गया
राजेश पंचोलिया इंदौर
वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
