फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के चोथे रोज आज उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई
आचरण में नम्रता तथा विचारों में निर्मलता लाना ही उत्तम शौच धर्म कहलाता है
दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व दशलक्षण महापर्व के अन्तर्गत फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चोरू, नारेड़ा, मंडावरी, मेंदवास,नीमेडा, लदाना ,सुल्तानिया जैन समाज के जिनालयों में पर्यूषण पर्व के तहत प्रातः अभिषेक शांतिधारा अष्टद्रव्यों से पूजा हुई। जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आज सभी जिनालयों में उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई।कार्यक्रम में, चकवाड़ा गुणस्थली पर भी आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी,सुबोध मति माताजी स संघ के पावन सानिध्य में पर्यूषण पर्व के अवसर पर अनेक धार्मिक आयोजन आयोजित किए जा रहे हैं तथा पार्श्वनाथ चेत्यालय फागी में चल रहे तत्त्वार्थ सूत्र विधान में श्रृद्धालुओं द्वारा अनेक पूजा की गई। पर्युषण पर्व के चलते आज पर्यूषण महापर्व के चोथे रोज उत्तम शौच धर्म की पूजा हुई कार्यक्रम में मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर में उत्तम शौच पर समाज सेवी मोहनलाल झंडा तथा शोभागमल धाबडधींगा ने अवगत कराया उत्तम शौच का अर्थ है पवित्रता, आचरण में नम्रता ,विचारों में निर्मलता लाना ही उत्तम शौच धर्म कहलाता है।इसी संदर्भ में समाज के कैलाश कासलीवाल एवं रमेश बजाज ने बताया कि अत्यधिक लोभ की निवृत्ति उत्तम शौच है व शुची का भाव व कर्म उत्तम शौच है।इसी प्रकार समाज के सुरेश सांघी ने अवगत कराया कि धर्म पथ पर चलते हुए मन में, विचारों में और आचरण में शुद्धता लाना तथा कषाय, लोभ और मलिनता को कम करना उत्तम शौच धर्म कहलाता है। कार्यक्रम में समाज के नारायण लाल धाबडधींगा, मोहनलाल झंडा, महावीर कठमाणा,केलास कासलीवाल,हरकचंद झंडा, महावीर बजाज,हनुमान कलवाड़ा, रमेश बजाज, महेंद्र गोधा,जीतू कासलीवाल, विनोद झंडा, अरिहंत झंडा तथा राजाबाबू गोधा सहित काफी श्रावक श्राविकाऐं मोजूद थे।
राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान
