मदनगंज-किशनगढ़ के मुनिसुव्रतनाथ जिनालय में पर्यूषण महापर्व के द्वितीय रोज आज उत्तम मार्दव धर्म की भव्यता के साथ पूजा हुई। जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि कार्यक्रम के अन्तर्गत पंचायत अध्यक्ष विनोद पाटनी ने दसलक्षण पर्व के दूसरे दिन मार्दव धर्म पर शास्त्र वाचन करते हुए कहा कि भावों की मृदुता का नाम मार्दव है। मान कषाय का मर्दन करना ही मार्दव है। नरक का मार्ग मान है। अहंकार पतन का द्वार है, नम्रता उत्थान का द्वार है। पाटनी ने कहा कि मान इंसान को झुकने नहीं देता है बल्कि दुनिया को झुकाना चाहता है, झुके बिना परमात्मा को पाना असंभव है समर्पण का प्रथम पाठ समर्पण है। उन्होंने कहा कि जब रावण कंस आदि का मान खंडित हो गया तो हमारा तो होना ही है,मान में भान नहीं होता। इंसान अहंकार में फूल जाता है और अपने स्वरूप को भूल जाता है।गोधा ने अवगत कराया कि श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान में श्री मुनिसुव्रतनाथ मंदिर में पयुर्षण पर्व पर प्रातः श्रीजी के पंचामृत अभिषेक-शांतिधारा व पूजन की गई। कोषाध्यक्ष चेतन प्रकाश पांडया ने बताया कि शांतिधारा करने का सौभाग्य महावीरप्रसाद ,अनिल कुमार, राजकुमार पाटनी,विनोद, नितिन, विकास, रिषभ, अमन, रोहन जी पाटनी परिवार फुलेरा वाले को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में श्रावक-श्राविकाओं द्वारा पंच परमेष्ठी पूजन, पंच मेरु पूजन, नव देवता पूजन सोलह कारण पूजन, दसलक्षण पूजन, पार्श्वनाथ भगवान की पूजन की गई, सांस्कृतिक मंत्री सुभाष वेद ने बताया कि सायंकालीन मूलनायक मुनिसुव्रतनाथ भगवान, महावीर भगवान, पार्श्वनाथ भगवान, आचार्य वर्धमान सागर महाराज, पद्मावती माता एवं क्षेत्रपाल बाबा की वीर संगीत मंडल की मधुर लहरियों पर नाचते गाते भक्ति भाव से संगीतमय आरती की गई। तत्पश्चात संध्याकालीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय पुलक जन चेतना मंच द्वारा 3 वर्ष से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई। नन्हे मुन्ने बालक बालिकाओं ने नाना वेष धारण कर मौजूद लोगों की वाह वाह लूटी।
पर्व के तहत 2 सितंबर उत्तम आर्जव धर्म पर श्री महावीर महिला मंडल द्वारा म्यूजिकल अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
