ऋषि पंचमी के साथ साथ देश ने मनाया “तरुण क्षमा पर्व” चतुर्थ महाप्रयाण (समाधि) दिवस
सोनकच्छ:-

पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री पुष्पदन्त सागर महाराज के प्रथम शिष्य समाधिस्त क्रन्तिकारी राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज की चतुर्थ महाप्रयाण दिवस पर समूचे देश ने याद किया। राष्ट्र को एकसूत्र में पिरोकर राष्ट्रवाद की भावना का शंखनाद करने बाले,भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जन जन तक पहुंचाने बाले ओर अपने कड़वे प्रवचनों से अध्यात्म जगत के सिरमौर रहे जैन मुनि आचार्य श्री तरुणसागर जी महाराज के चतुर्थ महाप्रयाण दिवस को आज समूचे देश मे “तरुण क्षमा पर्व” के रूप में मनाया गया । देश के प्रमुख 4 राज्यों में आज जयपुर में महामहिम श्री कलराज मिश्र जी,नागपुर में केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, मुम्बई में उपमुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ओर भौपाल में मंत्री गणों की उपस्थिति में दीप पुष्पांजलि का कार्यक्रम हुआ और साथ ही मुनि श्री की बहुप्रतीक्षित पुस्तक “कड़वे प्रवचन” के 10 वे ओर अंतिम भाग का विमोचन भी किया गया । वही सोशस मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय सचिव भाजपा कैलाश विजयवर्गीय, ने अपनी भावांजलि प्रस्तुत की। मुनि श्री का स्वप्न था कि क्षमा वाणी पर्व राष्ट्रीय क्षमा वाणी पर्व के रूप में मनाया जाए जो आप तरुण क्षमा पर्व के रूप में देश के अनेक शहरों में ओर कस्बों में मनाया गया। उनके द्वारा दीक्षित अंतिम शिष्य क्षुल्लक श्री पर्व सागर जी महाराज के निर्देशन में अनेक गुरु परिवारों ने भी देश भर में अनेक कार्यक्रम आयोजित कर मुनि श्री को अपनी विनयांजलि दी। इस अवसर पर पुष्पगिरी तीर्थ में पर्वसागरजी महाराज ने सर्व प्रथम दादागुरु की चरण वंदना की और पूज्य तरुणसागरजी गुरुदेव के समक्ष दीप प्रज्वलन व गुरुपूजा कराकर आयोजन का शंखनाद कराया. उसके पश्चात पूरे देश में बारी बारी से दीप पुष्पाजलि हुई. तीर्थ में स्कूल के बच्चो को उनके जीवन से जुड़ी बातें बताई गई। जहाँ बच्चो ने उनकी प्रेरणादायी बातों सुना व 4 मिनिट का मौन रख अपनी श्रद्धांजलि प्रस्तुत की।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
