मंदिर निवाई में चल रहे हैं 48 दिवसीय श्री जिनसहस्त्रनाम महामंडल विधान का बड़े धूमधाम से हुआ समापन

JAIN SANT NEWS निवाई

परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में श्री शांतिनाथ दिगम्बर अग्रवाल जैन मंदिर निवाई में चल रहे हैं 48 दिवसीय श्री जिनसहस्त्रनाम महामंडल विधान का बड़े धूमधाम से हुआ समापन

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श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर निवाई में प.पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी स संघ के पावन सान्निध्य में चल रहे 48दिवसीय जिनसहस्रनाम महार्चना का समापन 108 श्रीफल, 108 दीपक, 108 कुण्ड, 108 कलश एवं 108 जोड़ों सहित पुण्यार्जक परिवारों द्वारा विश्वशांति धारा एवं विश्वशांति महायज्ञ पूर्वक निर्विघ्न संपन्न हुआ जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि महोत्सव में मुख्य पात्र सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य इन्द्रमल जैन बड़ागाँव वालों ने प्राप्त किया, कुबेर इन्द्र का सौभाग्य सत्यनारायण जी मोटूका वालों को मिला, ईशान इन्द्र का सौभाग्य विष्णु जी बोहरा, सानत इन्द्र बनने का ओमप्रकाश जी चॅवरिया, एवं माहेन्द्र इन्द्र पारसमल जी जैन को बनने का सोभाग्य प्राप्त हुआ कार्यक्रम में समस्त इन्द्र परिवारों ने शुद्ध पीले वस्त्र पहन कर भगवान के ऊपर शांतिधारा एवं हवन कुण्ड में घी, धूप से आहुतियाँ दी उक्त कार्यक्रम अत्यंत धूम-धाम से निर्विघ्न संपन्न हुआ इससे पूर्व आज प्रातः अभिषेक शांतिधारा पूजा के बाद विधानमंडल की पूजा हुई कार्यक्रम में आर्यिका श्री ने भरी धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सहस्रनाम समस्त अनुष्ठान कर्ताओं के अंगों पर बीजाक्षर मंत्रों को लिखवाया व शुभाशीष देते हुये सहस्रनाम मंत्रों की महिमा बतलाते हुये कहा कि ॐ हीं आदि एक बीजाक्षर’ में एक करोड़ लक्स पावर निगेटिव ऊर्जा खींचने एवं पोजीविट ऊर्जा प्रदान करने की शक्ति है।

इस महार्चना को श्रद्धा भक्ति सहित करने से आधि-व्याधि, कष्ट क्लेश, कलह आदि सभी विघ्नों से शांति मिलती है, इस भक्ति से अद्‌भुत एवं तात्कालिक फल प्राप्त होता है कार्यक्रम में पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर आर्यिका श्री के सान्निध्य में 31 अगस्त से 9 सितम्बर तक श्रावक संस्कार शिविर का आयोजन चल रह रहा है।

जिसमें प्राप्तः काल ध्यान, भक्ति, पूजा, विधान आदि दोपहर में क्लास, स्वाध्याय आदि सांय काल प्रतिक्रमण, सामायिक कार्यक्रम आदि कार्यक्रम बाद महाआरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि होगे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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