रायपुर । परम पूज्य 108 श्रमणाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रभावक परम तपस्वी रत्न मुनिश्री 108 अनुत्तर सागर जी महाराज रायपुर में {आचार वर्द्धन व्रत} की कठिन साधना 117 दिन में 100 उपवास कर रहे हैं। आप चारित्र शुद्धि व्रत के 1234 उपवास पूर्ण कर चुके हैं। आपने तीन रसों का आजीवन त्याग किया है।
आपने गुरु के साथ 9 राज्यों का विहार कर 26000 किलोमीटर पग विहार कर चुके हैं। आप अभी तक 76 पंच कल्याणकों में भी साथ रहे हैं। आप अभी तक सिंह निस्क्रीड़ित व्रत की कठिन साधना सहित चौसठ ऋद्धि व्रत के 64 उपवास, तपशुद्धि के 78, सुखकरण व्रत के 68, सर्वतोभद्र व्रत के 75, शांत कुंभ व्रत के 45, नवकार मंत्र के 35, ब्रज मध्य व्रत के 29, नक्षत्रमाला व्रत के 27. पञ्चविंशति कल्याण माला व्रत के 25, दर्शन विशुद्धि व्रत के 24, दीप मालिका व्रत के 24 तीर्थंकर व्रत के 24, तपोञ्जणि व्रत के 24, बारह बिजौरा व्रत के 24, सम्मक्व चतुविर्शति व्रत के 24, समवसरण व्रत के 24 उपवास आदि कई तरह के व्रत विधिपूर्वक पूर्ण कर चुके हैं। आपका अभी 1011 दिन का मौन चल रहा है, जो 31 दिसंबर 2022 को पूर्ण होगा तथा सहस्त्रनाम ब्रत के 1008 उपवास चल रहे है। आप अभी तक 84 बेला, 85 तेला, 4 उपवास 23 बार, पांच उपवास 23 बार, 6 उपवास 8 बार, सात उपवास 2 बार, 8 उपवास 2 बार और 9 उपवास 1 बार कर चुके हैं। महापारण 30 अक्टूबर, 2022 को है । 2020 में आपके 216 तथा 2021 में 220 उपवास थे। 2022 में 250 उपवास से अधिक का लक्ष्य है, जो पूर्णता की ओर है।
