खेल खेल के माध्यम से बच्चो को 16 कारण भावनाओं का अर्थ व महत्व समझाया गया











मंदसौर
छोटी उम्र में बच्चों को यदि संस्कार दिए जाएं तो वह एक उन्नत संस्कारित जीवन जी सकते हैं। यदि बच्चों को खेल के माध्यम से ज्ञान दिया जाए तो वह जल्द उसको सीख पाते हैं ऐसा ही कुछ कर दिखाया मंदसौर में चल रही जैन पाठशाला में इस क्रम में बच्चों को खेल के माध्यम से सोलहकारण भावनाओं का अर्थ व महत्व समझाया गया। जानकारी देते हुए पाठशाला की प्रमुख पुर्वाषा जैन,रश्मि जैन,चीना बड़जात्या ने बताया की भाद्र मास का यह समय और 16 कारण भावना पर्व चल रहा है
सोलह कारण भावनाएं जीवन की श्रेष्ठतम भावनाओं में से एक है जैन परंपरा में भावनाओं का महत्व है यह भावनाएं तीर्थंकर प्रकृति के बंध में हेतु भूत होती हैं तो इस पावन पर्व पर इन्हीं भावनाओं के बारे में पाठशाला के बच्चों को बताया गया कि हमें क्या शिक्षा देती हैं। यह चर्चा ह सभी और पाठशाला के बच्चे मिलकर की इन्ही पलो में इन्हीं भावनाओं को लेकर एक खेल सभी बच्चों को खिलाया गया और उसके पुरुस्कार महिला परिषद की ओर से प्रदान किये गए। सभी ने आकर और इस दृश्य का अवलोकन किया, और बच्चों का
उत्साहवर्धन किया। इन्ही माध्यमों से हम बच्चों को धर्म और नैतिक शिक्षा प्रदान कर सकते हैं तभी यह बच्चे धर्म से जुड़ पाएंगे।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
