उदारमना भामाशाह महेन्द्र पांड्या हमारे बीच नही रहे
गुना
डॉ महेंद्र कुमार जैन पांड्या आज हमारे बीच नही रहे, यह सचमुच सादगी का जीवन जीते थे,लेकिन यह असाधारण व्यक्तित्व थे। यह एक उदारमना व्यक्तित्व के रुप समाज में सदा जाने जाएंगे आपकी सरलता, विनम्रता, सादगी सदा हर किसी की स्मृति पर सदा सदा बनी रहेगी। आपकी दानशीलता धर्म आयतन के सरक्षण एवम एवम गुरु भक्त सन्त सेवा में सदा समर्पित रहने के लिए आप सदा जाने जाएगे। आप बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। इनका जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। आपने गुना में रहते हुए अनेक जिनालयों के निर्माण व समाज सेवा से सरोकार रखा के साथ अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी में बनने जा रहा है गर्भ ग्रह के निर्माण में अपनी चंचला का सदुपयोग किया। और कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें समाज कभी भूल नहीं सकता। यह सचमुच मानव के रूप में एक महामानव थे। अपना व्यवसाय अमेरिका में रहते हुए उन्होंने अपनी जन्मभूमि अपने देश से अपने आप को कभी भी विमुख नहीं किया जो उनकी दूरदर्शिता का परिचायक है ऐसे महामानव सदा सदा याद किये जाते है। और याद किये जाते रहेंगे।
उनके कार्यों से समाज को सदा सदा प्रेरणा देना चाहिए
अभिषेक जैन लुहाड़ियारामगंज मंडी
ओम नमः
