रक्षाबंधन पर्व व जैन समाज के 11वें तीर्थंकर श्री श्रेयांसनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया
पिड़ावा –


सकल दिगंबर जैन समाज ने गुरुवार को वात्सल्य पर्व रक्षाबंधन व 11 वें तीर्थंकर देवाधिदेव श्री श्रेयांसनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया।
जैन समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि पिड़ावा के सभी जिनालयों में देव, शास्त्र ,गुरु,व विष्णु कुमार महामुनि राज की पूजन की गई। परम पूज्य 108 श्री भूतबली सागर महाराज संसध का पावन वर्षा योग पिड़ावा नगर में आनंद व उत्साह के साथ चल रहा है। श्री सांवलिया पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में प्रात काल अभिषेक शांतिधारा के बाद देव शास्त्र गुरु की पूजन कर 11 वें तीर्थंकर श्री श्रेयांसनाथ भगवान का निर्माण लाडू चढ़ाया गया दोपहर में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन जूना मंदिर नवीन जिनालय में मंजुला दीदी के कुशल निर्देशन में पहली बार 43 वा चतुर्मास कर रहे मुनि भूतबलि सागर, मुनि सागर, मोन सागर, मुक्ति सागर महाराज के सानिध्य में सामूहिक रूप से रक्षा बंधन का पर्व मनाया गया इस अवसर पर दीदी द्वारा मंत्रोचार के माध्यम से मंगलाष्टक पढ़कर बहनों ने अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा गया व सभी बहनों ने अपने भाई की मंगल कामना की गई व भाइयों ने भी बहनों को वचन दिया कि वह तन मन धन से उनकी रक्षा, धर्म की रक्षा व देश की रक्षा करेंगे। उसके बाद भूत बली सागर जी महाराज के द्वारा सभी को रक्षा सुत्र दिये गये व सभी श्रावक श्राविकाओं ने मंगलमय आर्शिवाद लिया इसके बाद महाराज जी ने रक्षाबंधन पर्व का महत्व बताया श्री विष्णु कुमार मुनि ने अहिंसा पूर्वक धर्म का स्वरूप समझाया इस प्रकार विष्णु कुमार मुनि ने 700मुनियों की रक्षा की हजारों श्रावक ने 700मुनियों की वैयावृत्ति की और बलि आदी मंत्री ने मुनिराजो से क्षमा मांगी जिस दिन यह घटना घटी उस दिन श्रावण सुदी पूर्णिमा थी विष्णु कुमार ने 700मुनियों का उपसर्ग दुर हुआ और उनकी रक्षा हुई अतःयह दिन रक्षाबंधन पर्व के नाम से मनाया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
