गणधर वलय स्तोत्र की परीक्षा में दिखा अकल्पनीय अनुशासन

JAIN SANT NEWS ग्वालियर

गणधर वलय स्तोत्र की परीक्षा में दिखा अकल्पनीय अनुशासन

500 से अधिक सेमिनार्थियों ने दी परीक्षा

ग्वालियर!
भारत गौरव सिद्धांत रत्न गणिनी आर्यिकाश्री विशुद्धमती माताजी ससंघ के सानिध्य और ब्रह्म विद्या वाचस्पति पट्ट गणिनी आर्यिकाश्री विज्ञमती माताजी का मार्गदर्शन में आयोजित गणधर वलय स्तोत्र सेमिनार का रविवार को समापन होने पर सोमवार को सेमिनार्थियों की परीक्षा हुई। इसमें 500 से अधिक सेमिनार्थी शामिल हुए। इस परीक्षा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें अकल्पनीय अनुशासन देखने को मिला।
गौरतलब है कि गणधर वलय स्तोत्र सेमिनार 18 जुलाई से शुरू हुआ था। इसमें आर्यिकाश्री विज्ञमती माताजी ने 11 काव्यों की विस्तार से व्याख्या की। इस दौरान एक-एक काव्य की प्रतिदिन व्याख्या की गई। माताजी ने प्रतिदिन पहले पिछले काव्यों के संबंध में सवाल पूछकर सेमिनार्थियों का रिवीजन भी कराया।

माताजी के निर्देश का अक्षरशः पालन हुआ

श्री ललित जैन भारती ने जानकारी देते हुए बताया की इस परीक्षा को लेकर विज्ञमती माताजी सेमिनार्थियों को लगातार निर्देश देती रहीं। साथ ही उनकी हौसला अफजाई भी की ताकि सेमिनार्थी परीक्षा को लेकर टेंशन में न रहें। रविवार को माताजी ने स्पष्ट कह दिया था कि सभी समय पर परीक्षा देने पहुंचें। फलस्वरूप सोमवार को सभी परीक्षार्थी नियत समय पर परीक्षा देने पहुंचे।

अनुशासित होकर दी परीक्षा

माताजी ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि परीक्षा में पूरी तरह अनुशासन में रहना है। यही कारण रहा कि सोमवार को परीक्षा के दौरान गजब का अनुशासन दिखाई दिया। ऐसा अनुशासन तो स्कूल-कॉलेज की परीक्षाओं में भी देखने को नहीं मिलता।
– ललित जैन “भारती” ग्वालियर

संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *