भगवान की पूजन के बाद अपनी थाली मे बचा अपना शेषाक्ष्त द्रव्य घर लेकर जाओ और मांगलिक कार्य मे प्रयोग करो- आर्यिका अर्हॢश्री माताजी!
आगरा,
दि.27-7-2022, श्री महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर डी ब्लाक कमलानगर मे वर्षायोग हेतु विराजमान आर्यिका अर्ह॔श्री माताजी ससंघ ने अपनी प्रात: कालीन प्रवचन सभा मे बोलते हुये कहा कि पूजन हेतु अष्ट द्रव्य की थाली मे बचे द्रव्य को वहीं खाली
मत करो, उस बचे द्रव्य को “शेषाक्ष्त द्रव्य” के रूप में घर ले जाना चाहीये, और मांगलिक कार्य मे क्षेपण करना चाहीये!मनोज बाकलीवाल ने बताया की
माताजी इन दिनों नित्य प्रात: 8.30 से 9.30 के मध्य भक्तामर स्रोत के ऊपर आधारित भक्तामर महात्म एवं भक्तामर के अलग अलग काव्य की कथाओ एवं जाप विधी पर प्रवचन कर रहीं हैं! बुधवार को 13वें काव्य का वर्णन करते हुये उन्होने बताया कि यह काव्य भय लगने पर पडना चाहीये, यह काव्य धन की रक्षा करने वाला, एवं 13 वां गुंण स्थान देने वाला है, इसे पीत वस्त्र पहन, पीले जाप की माला से कम से कम 7 जाप माला करनी चाहीये!इस काव्य को मृत्युंजय काव्य भी कहा गया है, और सर्व रक्षा करने वाला काव्य है!
सभा का संचालन श्री मुकेश जैन रपरिया ने किया! इस अवसर पर जगदीश प्रसाद जैन, मनोज बांकलीवाल, अनिल रईस, अनिल जैन , नरेश जैन, महेश जैन, राकेश बजाज समेत सैंकडो भक् उपस्थित थे!
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
