अनजाने में किए हुए पापों का फल भी भुगतना ही पड़ता है* पुण्य का नीर पास है तो कोई डर नहीं:विज्ञमती माताजी विज्ञमती माताजी का 53वां अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया



ग्वालियर,
आपचंद्रमुखी हैं तो आपके भाग्य को कोई कलंकित नहीं कर सकता। सत्य की वेदी पर बैठकर गुरु के चरणों में श्रद्धा स्थापित करने से कल्याण का मार्ग मिल जाता है। पुण्य का नीर पास में होगा तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अनजाने में किए हुए पापों का फल तो भुगतना ही पड़ता है। कर्मों की निर्जरा के लिए प्रभु की आराधना और आत्म साधना अवश्य करो। यह उदगार ब्रह्म विद्या वाचस्पति पट्ट गणिनी आर्यिकाश्री विज्ञमती माताजी ने बुधवार को चम्पाबाग बगीची में गणधर वलय स्तोत्र सेमिनार को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

माताजी ने कहा कि बिना शुद्धि के पूजा पाठ का फल नहीं मिलता। माताजी ने कहा कि जीवन मे धर्म कमाने का प्रयास करो, धन तो स्वत: आ जायगा। गुरु मां विशुद्धमती की पूजन की

जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि इस अवसर पर भक्तों ने गुरु मां की भक्ति कर पूजा की। इसकी शुरुआत इन्द्रध्वज जैन, नरेंद्र जैन एटा, एवं डॉ वीरेन्द्र कुमार गंगवाल ने की। मंगलाचरण काशिश एवं अंतरा जैन ने किया। मालपुरा राजस्थान के वीएएस प्राइम मैनेजिंग ग्रुप ने पाद प्रक्षालन, इंदु बोहरा, शरद बोहरा, प्रमोद टोंग्या, सुमन टोंग्या ने शास्त्र भेंट, चातुर्मास कमेटी ने वस्त्र भेंट किए। स्थापना वर्षायोग कमेटी, चंदन समर्पण जैन मिलन बाहुबली महिला मंडल, अक्षत समर्पण जैन मिलन नेमिनाथ महिला मंडल, पुष्प समर्पण जैन मिलन महिला विहर्ष मंडल माधौगंज, नैवेद्य वीएएस ग्रुप, दीप समर्पण गोलालारे महिला मंडल, धूप समर्पण हर्षबाहु मंडल मामा का बाजार, फल विराग महिला मंडल, अर्घ्य समर्पण स्वर्ण मंदिर महिला मंडल एवं जयमाला के अर्घ्य चम्पाबाग महिला मंडल ने समर्पित किए।


माताजी का 53वां अवतरण दिवस मनाया
इस दौरान पट्ट गणिनी आर्यिकाश्री विज्ञमती माताजी का 53वां अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया गया। मीना पटौदी व निर्मल पटौदी ने पाद प्रक्षालन किए। स्थापना जैन मिलन, चम्पाबाग मंदिर कमेटी व वर्षायोग कमेटी ने की। जल समर्पण जैन मिलन बालिका मंडल, चंदन युवा जैन मिलन नेमिनाथ, अक्षत जैन बालिका पुलक जागृति मंच, पुष्प समर्पण जैन मिलन बालिका मंडल, नैवेद्य सकल जैन समाज, दीप जैन मिलन महिला माधौगंज, धूप युवा जैन मिलन नेमिनाथ, फ़ल वीएएस प्राइम मैनेजिंग ग्रुप मालपुरा, अर्घ्य समर्पण मिथिलेश जैन आगरा के साथ एटा, टोंक, शिकोहाबाद आदि स्थानों से आये गुरु मां के भक्तों ने किया। जयमाला पदमा छावनियां टोंक ने की।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
