अहंकार मनुष्य को झुकने नहीं देता और बिना झुके धर्म का मार्ग नहीं मिलता मन, वचन एवं काय की शुद्वि के साथ हो आत्म साधना विज्ञमति माताजी


ग्वालियर।
अक्सर देखने को मिलता है कि अहंकार व्यक्ति को झुकने नहीं देता, ऐसा व्यक्ति जीवन में धर्म से दूर ही रहता है। जैन दर्शन में नमन का अत्यंत महत्व है। बिना नमन के भगवान की भक्ति और धर्म का मार्ग नहींं मिलता। अपने कर्मो का बही खाता भी देखते रहो क्योकि कर्म किसी को नहीं छोड़ते। कहा जाता है कि पारा और पाप कभी नहीं पचता। जीवन किए गये पाप एक दिन उदय में अवश्य आयेंगे। और तीव्र पाप का उदय आ जाये तो व्यक्ति से वह दुख झेला नहीं जाता। अपने जीवन को समझने का प्रयास करो। भागमभाग वाली जिंदगी में कुछ समय स्वयं के लिए भी निकालो। यह बात आज मंगलवार को चम्पाबाग बगीची में चल रहे 16 दिवसीय गणधर वलय स्त्रोेत्र सेमिनार के दूसरे दिन पूज्य गणिनी आर्यिका विशुद्वमती माताजी की शिष्या गणिनी आर्यिका विज्ञमती माताजी ने धर्मसभा को सम्बोेधित करते हुए कही।



मंत्रोचार के साथ गणधरों की हुई आराधना-
जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि आज गणधर वलय स्त्रोत्र सेमिनार में उपस्थित सैकड़ों शिवराथियों ने माताजी के सानिध्य में गणधरों की आराधना करते हुए सुख शांति की कामना की।

प्रात 7.30 से आयोजित होता है सेमिनार- 16 दिवसीय सेमिनार* प्रवक्ता ललित जैन भारती ने बताया की प्रतिदिन प्रात 7.30 बजे से चम्पाबाग बगीची में पूज्य आर्यिका विज्ञमती माताजी के सानिध्य में सेमीनार आयोजित किया जा रहा है।

श्रीफल अर्पित कर लिया आशीर्वाद
आज प्रवचन से पूर्व स्वीटी कासलीवाल एवं रेनू छाबड़ा ने दीप प्रज्वलित किया। चातुर्मास के संयोजक पुरूषोत्तम जैन, विनय कासलीवाल, मनोज सेठी, पंकज छावड़ा, पंकज बाकलीवाल, आशीष जैन, विनोद जैन मसालेवाले, पं चन्द्रप्रकाश चंदर, अजीत कासलीवाल, नीरज पांडया ने पूज्य माताजी के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया!
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
