तीर्थराज सम्मेदशिखर के संरक्षण,संवर्धन एवं तीर्थ के विकास मे हुआ ऐतिहासिक फैसला साधना महोदधि, उभय मासोपवासी अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न साग़र महाराज ने गुरु दिया विशेष उपहार
पारसनाथ
साधना महोदधी अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज जो की सिहनिष्कंडित व्रत की 557 दिन की अखण्ड मोन व्रत साधना मे सम्मेदशिखर की स्वर्ण भद्र टोंक पर साधना रत है l आज गुरु पूर्णिमा के पवित्र, पावन प्रसंग पर अंतर्मना गुरुदेव के आशीर्वाद व सानिध्य मे जैन समाज के सबसे महानतीर्थ शाश्वत तीर्थ शिखर जी के संरक्षण व विकास के लिए दिगम्बर और श्वेताम्बर जैन समाज के मध्य हुआ ऐतिहासिक समझौता l दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी और जैन श्वेताम्बर सोसाययी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारयो की उपस्थिति मे सभी आवश्यक निर्णय लिए गये lअंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के आशीर्वाद व प्रेरणा से दोनों ही कमेंटीयों ने अपने सभी वेधानिक विवादों कों वापस लेने पर सहमति प्रदान कर भविष्य मे प्रेम मैत्री, सदभाव,समन्वय के साथ तीर्थ के संरक्षण व विकास के लिए कदम से कदम मिलाकर साथ कार्य करने का संकल्प लिया l जो बहुत गौरव की बात है
