भारतीय संस्कृति आस्था प्रधान संस्कृति है – आर्यिका विज्ञा श्री

JAIN SANT NEWS निवाई

भारतीय संस्कृति आस्था प्रधान संस्कृति है – आर्यिका विज्ञा श्री

निवाई :

सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञा श्री माताजी के सानिध्य में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में 13 जूलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। चातुर्मास कमेटी के मीडिया प्रभारी विमल जौंला व राकेश संधी ने बताया कि 13 जूलाई को मंदिर प्रांगण में गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर भगवान शांतिनाथ के अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया जाएगा इस दौरान जिनेन्द्र देव की पूजा अर्चना के साथ राष्ट्रीय संत गणाचार्य विराग सागर महाराजकी एवं आर्यिका विज्ञा श्री माताजी की विशेष पूजा अर्चना संगीत के साथ की जाएगी।

जौंला ने बताया कि 12 जूलाई को विश्व में शांति की कामना के लिए 108 परिवारों द्वारा 108 कलशों से माताजी के मुखारविंद से वृहद शांतिधारा का आयोजन किया जाएगा। सुनील भाणजा ने बताया कि 14 जूलाई को समाज के श्रद्धालुओं द्वारा वीर शासन जयंती मनाई जाएगी जिसमें अनेक विद्वानों द्वारा उदबोधन दिया जाएगा। जौंला ने बताया कि 17 जूलाई को चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना समारोह पूर्वक किया जाएगा जिसमें अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सोमवार को प्रवचन माला में आर्यिका विज्ञा श्री माताजी ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि संसार एवं मोक्ष का सम्पूर्ण व्यवहार विश्वास की आधार शिला पर अवस्थित हैं। उन्होंने कहा कि सही श्रद्धा, सच्चा ज्ञान और यथार्थ आचरण के बल पर यह जीव संसार सागर पार कर सकता है। सच्ची आस्था के बल पर इंसान भगवान बन जाता है परमात्मा के प्रति आस्था के दीप जलाने वाला स्वयं परमात्मा बन जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति आस्था प्रधान संस्कृति है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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