एक साथ पांच जिनप्रतिमाओ पर मंत्रोचार के साथ पाण्डुक शिला पर हुए अभिषेक शान्तिधारा ।
रामगंजमडी





रविवार की बेला में सिद्धचक्र महामंडल विधान में प्रातः बेला में खासा उत्साह देखा गया अवकाश होने से अभिषेक शान्तिधारा करने व मंडल विधान में सम्मलित होने हेतु भक्तो का ताता सा लग गया वही बच्चे,भी काफी संख्या में रहे वही नगर के इतिहास में प्रथम बार 5 जिनप्रतिमाओ को पाण्डुक शिलाओ पर विराजमान कर एक साथ श्रीजी का अभिषेक शान्तिधारा मंत्रोचारण के साथ हुई।




विधि विधान से समस्त क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य सुनील शास्त्री,प्रशान्त शास्त्री, आकाश शास्त्री के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई









वही इस बेला में शान्तिनाथ जैन पाठशाला के बच्चो ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का भक्तिमय पूजन किया वही महिलामण्डल,शांति जय घोष,व समस्त इंद्र इंद्राणियो ने भक्तिमय नृत्य करते हुए सम्मलित हुए







वही सिद्धचक्र महामंडल विधान के 128 अर्घ समर्पित किये। इसी क्रम में शनिवार की संध्या बेला में महाआरती का पुण्य लाभ शुक्र इंद्र परिवार प्रदीपकुमार चंदनबाला लुहाडीया परिवार को प्राप्त हुआ। रात्रि की बेला में सुनील शास्त्री ने कहा की सिद्धो की आराधना से सारी मनोकामना पूर्ण होती है।एवम सांसारिक एवम परमार्थिक दोनो प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। उन्होनें अंत मे कहा की सिद्धो की आराधना करने से सिद्धपद की प्राप्ति होती है।
अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
