मुनिश्री ने शाकाहार को अपनाने पर विशेष जोर दिया एवं शाकाहार के लाभ भी बताए।
आरोन
आराेन नगर मे आचार्य श्री विद्यासागर पब्लिक स्कूल में छात्र जीवन में व्यक्तित्व का विकास विषय पर विशेष उद्बोधन मुनि अक्षय सागर ने दिया उन्होने स्कूल के छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन दिया । जानकारी को सांझा करते हुए जैन के समाज के सुनील झंडा ने बताया कि छात्र- छात्राओं के अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन के विशेष आग्रह पर शनिवार को नगर में विराजित आचार्य श्री विद्या सागर महाराज के शिष्य अक्षय सागर, नेमि सागर, शैल सागर, अचल सागर एवं ऐलक उपसम सागर के सानिध्य में दोपहर में 1 बजे से छात्र जीवन में व्यक्तित्व का विकास विषय पर मुनि संघ द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को मार्ग दर्शन प्रदान किया गया।

इस अवसर पर मुनि श्री अक्षय सागर ने महाराज विद्यार्थी जीवन में शिक्षा के महत्व को बताते हुए कहा कि शिक्षा एवं शिक्षण का उद्देश्य जीवन निर्वाह नहीं जीवन निर्माण के लिए होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा के माध्यम से छात्र-छात्राए अपने जीवन का सर्वांगीण विकास कर सकते हैं। सभी को यह समझना होगा कि
शिक्षा का सदुपयोग हम अपने जीवन में कैसे कर सकते हैं। साथ ही मुनिश्री ने शाकाहार को अपनाने पर विशेष जोर दिया एवं शाकाहार के लाभ भी बताए। एवम
मुनिश्री ने मांसाहार के दुष्प्रभाव बताते हुए सभी छात्र-छात्राओं को कभी भी मांसाहार न करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
संकलित अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
