मंगल मिलन हुआ विशुद्धमती माताजी ससंघ एवं आर्षमती माताजी ससंघ
ग्वालियर
53 वां माँ विशुद्ध पवन वर्षायोग 2022 के अंतर्गत दिनांक 26 जून 2022 को सायं 6 बजे दो संघो का वात्सल्य मिलन हुआ , परम पूज्य सराकोद्वारक आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज से अंतिम दीक्षित युवा प्रणेता, वात्सल्यमयी, वन्दनीय, गणिनी आर्यिका रत्न श्री 105 आर्षमती माताजी ससंघ (4 पिच्छी ) ने प्रातः गोपचल पर्वत की वंदना कर अनेक मंदिरो के दर्शन किये जिसके पश्चात सायंकाल चम्पाबाग धर्मशाला में परम पूज्या सिद्धांत रत्न भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी की चरण वंदना के लिए संघ का आगमन हुआ ।
पुरे संघ को पूज्या विशुद्धमती माताजी ने बहुत आशीर्वाद प्रदान किया।
इस वात्सलय मिलन के पश्चात आर्षमती माताजी ससंघ का मंगल विहार 7 KM दूर थाटीपुर के लिए हुआ।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
