दानशीलता ने अंहकार ओर दीनता को जन्म दिया है दोनों ही भक्ति के लिए ख़तरनाक है आर्यिका विज्ञाश्री

फागी/लदाना
परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी स संघ के पावन सानिध्य में श्री चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में बुधवार प्रातः श्री जी का अभिषेक शांति धारा बाद अष्टद्रव्यों से पूजा हुई। जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा अवगत कराया कि कार्यक्रम में आर्यिका श्री ने श्रृद्धालुओं को अपने मंगलमय प्रवचन में कहा कि – इस दुनिया में ज्यादातर लोगों का अपना एक लक्ष्य है मंजिल के मुताबिक मार्ग चुने चूंकि सब जल्दी में हैं इसलिये जिस रास्ते पर देखो, लोग दौड़ते हुये नजर आते हैं बाहरी दुनिया में तेजी का महत्व हैं और भीतर के संसार में धीमी की महत्ता है इनमें से कई लोगों का लक्ष्य परमात्मा भी है और जो लोग ईश्वर को जल्दी पाना चाहते हैं वे शार्टकट भी ढूँढ़ते हैं ऐसा ही एक लघु मार्ग है दान ,दान में सहयोग की भावना होनी चाहिये न कि पुण्य अर्जन की ,आदमी इस चक्कर में है कि दान करके पुण्य कमाओ और पुण्य की पूंजी से परमात्मा अपने बस में हो जायेगा, दान एक हथियार बन जाता है दानशीलता ने अहंकार और दीनता को जन्म दिया है दोनों ही भक्ति के लिये खतरनाक है। यह वृत्ति सांसारिक जीवन में भी व्यक्ति को बहकाती है क्योंकि सारा दान पुण्य के लिये किया जाता है जबकि परमात्मा की राह में दान का महत्व सहयोग की भावना से है। कार्यक्रम में संजय जैन उत्तर प्रदेश बिलासपुर वालों के शास्त्र जी भेंट, संतोष कुमार गोयल लदाना वालों के पाद प्रक्षालन की बोली गई , तथा समाज द्वारा लदाना सरपंच श्रीमती हेमलता शर्मा, सहित सभी आगंतुक मेहमानों का तिलक,साफा, दुपट्टा से भव्य स्वागत किया गया ,गोधा ने बताया कि कार्यक्रम में लदाना जैन समाज के अध्यक्ष केलास ठोलिया, अग्रवाल समाज फागी के अध्यक्ष महावीर झंडा,राजेंद्र गोधा, पारस कासलीवाल, विनोद जैन, प्रेम चंद गोधा,पदम जैन, संतोष जैन,सुकुमाल जैन, शांति लाल गोधा, महावीर गोयल, सुनील जैन, महेंद्र गोधा,तथा राहुल जैन सहित रेनवाल मांजी, माधोराजपुरा, फागी, जयपुर के श्रावकों सहित सारा समाज उपस्थित था।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
