आचार्य श्री को थूबोनजी कमेटी ने चातुर्मास हेतु निवेदन किया

JAIN SANT NEWS अशोक नगर

आचार्य श्री को थूबोनजी कमेटी ने चातुर्मास हेतु निवेदन किया

अशोकनगर

-अंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूबोनजी में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ के चातुर्मास का निवेदन लेकर दर्शनोंदय कमेटी अमरवाड़ा के निकट घने जंगलों में दुल्हा देव पहुंची और आचार्य श्री के चरणों में श्री फल भेंट कर थूबोनजी में चातुर्मास का निवेदन किया। कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टिंगू मिल, उपाध्यक्ष राकेश अमरोद, महामंत्री विपिन सिघई, मंत्री विनोद मोदी,राजेन्द्र हलवाई,कोषाध्यक्ष सौरव बाझल, प्रचार मंत्री विजय धुर्रा, आडिटर राजीव चन्देरी संरक्षण सदस्य शैलेन्द्र दददा,सुनील घेलू, प्रवीण मामा ने श्री फल भेंट किए।

चातुर्मास के लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं

कमेटी के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने निवेदन करते हुए कहा कि आचार्य श्री आपने कहा था कि अगर सुधासागरजी महाराज का चातुर्मास थूबोनजी में हो जाएं तो तीर्थ क्षेत्र पचास साल आगे निकल जायेगा। आपने पिछली बार भी आशीर्वाद दिया था, लेकिन संघ की अनुकूलता ना होने पर चातुर्मास से हम दुर रहे। जब से ही कमेटी निरंतर प्रयास कर रही है।कमेटी के महामंत्री विपिन सिघई ने कहा कि अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूबोनजी में आचार्य श्री के चातुर्मास का निवेदन वर्षों से कर रही है। दिशा विपरीत देखते हुए संघ के जेष्ठ श्रेष्ठ संतों का समागम क्षेत्र को मिलने पर तीर्थ का विकास हो सकेगा।

अध्यक्ष अशोक जैन टिंगू ने बताया कि क्षेत्र पर निर्माण कार्य के साथ तीर्थ के विकास में अंचल के भक्तों का सदा योगदान बना रहता है। चारों ओर से भक्तों क्षेत्र पर आते रहते हैं।

एक चातुर्मास से क्षेत्र के सभी कार्य को नई गति मिलेगी

कमेटी के मंत्री विनोद मोदी ने कहा कि आचार्य श्री यदि एक चातुर्मास मिल जाए तो क्षेत्र की सभी योजनाओं को पंख लग जायेगा। ग्यारह मंजिल के विशाल सहस्त्र कूट जिनालय के लिए छः से तीस नाम से अधिक कमेटी के पास आ गये है। कमेटी ने तीर्थ क्षेत्र के विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए भक्तों की सुविधाओं का इंतजाम किया है।

हम भी प्रकृति को कुछ देते रहें तो संतुलन बना रहेगा –आचार्यश्री

आचार्य श्री ने कहा कि पहले भी चातुर्मास दिया तो था, पिछले वर्ष भी दिया था,हम कब मना कर रहे हैं। विचार कर रहे हैं थूबोनजी में हरियाली के लिए आप लोग प्रयास कर रहे हैं। ऐसा हमें बताया थाम अच्छा है तीर्थ क्षेत्र पर तो हरियाली के लिए तेज़ी से कार्य होना चाहिए। प्रकृति हमेशा हमेशा आपकों कुछ देती रहती है आप बदले में क्या देते हैं विचार करों हम भी प्रकृति को कुछ देते रहें तो संतुलन बना रहेगा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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