वात्सल्य वारिधि विहार सूचना

JAIN SANT NEWS धार

वात्सल्य वारिधि विहार सूचना

धार

28 मई 2022 को श्री मानतुंगगिरी धार से विहार हुआ। पूज्य वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य भगवन वर्द्धमान सागर महाराज संघ का 28 मई को प्रातःविहार हुआ।

भोजशाला का अवलोकन
मंगल विहार से पूर्व यहाँ पर पूज्य गुरुदेव ने श्री शांति नाथ मंदिर के दर्शन, व प्रवचन के बाद भोज शाला का निरीक्षण किया। यह वह भोजशाला है,जहाँ दिगम्बर आचार्य श्री  मानतुंगाचार्य जी को राजा ने 48 कोठरी कमरों में ताला लगाकर बंद किया था। तब श्री मानतुंग स्वामी आचार्य श्री ने श्री भक्ताम्बर स्तोत्र की रचना की, वर्णन व उल्लेख मिलता है की, जैसे जैसे एक एक श्लोक पूर्ण होते गया, एक एक ताले टूटते गए। आज वही भक्ताम्बर स्तोत्रपाठ से हीलिंग से अनेक गंभीर रोग ठीक हो रहे है। जन जन इससे लाभांवित हो रहा है।

भोजशाला का अवलोकन
मंगल विहार से पूर्व यहाँ पर पूज्य गुरुदेव ने श्री शांति नाथ मंदिर के दर्शन, व प्रवचन के बाद भोज शाला का निरीक्षण किया। यह वह भोजशाला है,जहाँ दिगम्बर आचार्य श्री  मानतुंगाचार्य जी को राजा ने 48 कोठरी कमरों में ताला लगाकर बंद किया था। तब श्री मानतुंग स्वामी आचार्य श्री ने श्री भक्ताम्बर स्तोत्र की रचना की, वर्णन व उल्लेख मिलता है की, जैसे जैसे एक एक श्लोक पूर्ण होते गया, एक एक ताले टूटते गए। आज वही भक्ताम्बर स्तोत्रपाठ से हीलिंग से अनेक गंभीर रोग ठीक हो रहे है। जन जन इससे लाभांवित हो रहा है।

रोचक जानकारी
पदाधिकारियों के अनुसार नीचे मंदिर मे भगवान के मस्तक के पीछे ॐ की आकृति उभर आई यह अतिशय बहुत ने देखा है। 3माह पूर्व 20 किलोमीटर दूर एक ग्राम बिजूर में,श्र आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर प्रशस्ति बैशाख सुदी 10 विक्रम संवत 1267 अंकित है।।
इनके निर्दशन में हो रहा कार्य
वर्तमान में आचार्य श्री भरत सागर जी महाराज की परम शिष्या क्षुल्लिका 105 श्री चंद्र मति माताजी  निर्देशन में निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसी के साथ नीचे एक विशाल हाल है जिसमें समाधिस्थ आचार्य गुजरात केसरी आचार्य श्री भरत सागर जी का गुरु मंदिर निर्मित है।
आज मंगल विहार

आचार्य श्री संघ का श्री मानतुंगगिरी से प्रातः विहार 8,2 km हुआ, आज की आहाचर्या तोरनोद जिला धार में हुई। एवम रात्रि विश्राम तोरनोद जिला धार में ही संभावित है।
राजेश पंचोलिया इंदौर वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार से प्राप्त
जानकारी

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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