पाप और पुण्य छुपाए नहीं छुपता प्रश्मानन्द जी महाराज
भीलूडा
श्री दिगंबर जैन मंदिर भीलूड़ा में एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनि प्रशमानंद महाराज ने पाप और पुण्य की व्याख्या करते हुए कहा कि पाप और पुण्य छुपाएं नही छुपता है। पुण्य की चमक और पाप का भय तो व्यक्ति के चेहरे पर ही झलकता है।विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए मुनि श्री प्रशमानंद महाराज ने उदाहरण के माध्यम से कहा कि जैसे पुष्प की सुंदरता व कोमलता बाहरी स्वरूप देखकर ही झलकती है इसी तरह पुण्य की भी चमक व्यक्ति के व्यक्तित्व व चेहरे पर दिखाई देती है। उन्होंने कह धर्म एक अनुभूति है दिखावा नहीं है और धर्म का फल हमेशा मीठा होता है जिसका अनुभव धर्म प्रधान व्यक्ति ही कर सकता है।
लोभ वृति व लालच व्यक्ति को कंजूस व अधर्मी बना देते है शिवानंद महाराजधर्म सभा मे मुनि श्री शिवानंद महाराज ने भी अपना उद्बोधन दिया कहा की लोभ वृति व लालच व्यक्ति को कंजूस व अधर्मी बना देते है और पुण्य कर्म व धर्म से दूर करते है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
