10 दिवसीय वीरान्त शिक्षण शिविर का हुआ समापन।सम्मान समारोह आयोजित

JAIN SANT NEWS बंडा

10 दिवसीय वीरान्त शिक्षण शिविर का हुआ समापन।सम्मान समारोह आयोजित

बंडा

बड़े मंदिर जी में आयोजित दस दिवसीय वीरान्त प्रशिक्षण शिविर का समापन पर मंगलवार को आर्यिका रत्न गुरुमति माताजी के ससंघ सानिध्य एवं ब्रह्मचारी नीलेश भैया जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर के समापन पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शिविर में लगभग 500 शिवरार्थियो ने शिरकत कर अपूर्व ज्ञानार्जन किया। शिविर में बंडा सहित आसपास के गांव से आए शिवरार्थियो भी शामिल हुए।

कार्यक्रम के शुभारंभ पर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण करने का परम सौभाग्य अशोक ठेकेदार, महेंद्र भूसा, कमल जैन, सुशील जैन ,अशोक जैन, को प्राप्त हुआ। ज्ञानदीप का प्रज्जवलन आशीष जैन, रमेश जैन, ज्ञानचंद जैन, मुन्ना लाल जैन, ने किया। आर्यिका संघ को शास्त्र भेंट करने का परम सौभाग्य अशोक शाकाहार, आशीष जैन, योगेश जैन, अभिषेक जैन, सहित समस्त पाठशाला की बहनों को मिला। शिविर में अनेक ग्रंथों पर व्यापक अध्ययन किया गया।

पुण्य छुपाकर करें ,बताकर नहीं गुरुमति माताजी
10 दिवसीय शिविर के समापन पर गुरूमति माता जी ने विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम लोगों का त्याग, सद्गुणों का अभ्यास,धर्म की आराधना और परोपकार अपने हित के लिए करते हैं। इसलिए इनका अहंकार और प्रदर्शन करना व्यर्थ है। किसी पर उपकार करते हुए भी अपने मन में यही भाव होना चाहिए कि इसमें भी मेरा ही हित है। क्योंकि किसी का भला होना,उसके पुण्य पर ही आधारित है।

मैं तो निमित्त मात्र हूं।

उसका पुण्य मेरे सिवाय किसी अन्य के निमित्त से भी फलीभूत हो सकता था।उसे सहयोग देने का अवसर मुझे प्राप्त हुआ। यह मेरा सौभाग्य ही है। किंतु अपने सौभाग्य का प्रदर्शन उचित नहीं है। प्रदर्शन से पुण्य समाप्त जाता है।

पुण्य छिपाकर करें, बताकर नहीं। माताजी ने कहा कि जिस घर में व्यक्ति अपने स्वार्थ को गौण करते हो ,परस्पर सहयोगी बनती हो ,दूसरों के गुणों की अनुमोदना तथा प्रशंसा करते हों, कष्टों में भागीदार बनते हों और सहनशीलता रखते हों, उस घर में स्वर्गीय पुष्प, सुनहरे फूल खिलते हैं,वहां शांति का सागर हिलोरें लेता है,ओर उस परिवार में रहने वाले गुणों की महक से खिल उठते हैं।
अशोक शाकाहार ने बताया कि बंडा नगरी में मुनि श्री पद्म सागर जी महाराज अपूर्व धर्म प्रभावना में रत हैं।
शांतिनाथ जिनालय में मुनि श्री के प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं। प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक शंका समाधान का आयोजन चल रहा है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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