300 से भी अधिक -शिवरार्थीयो ने ली दीक्षा भरे संकल्प पत्र ब्रह्मचारी द्वय ने मंत्रोच्चार के साथ दी दीक्षाऐं सम्मान समारोह हुआ आयोजित
बीना
संस्कृत प्राकृत संस्कार शिविर के समापन के अवसर पर ब्रहमचारी संदीप “सरल” भैया ने कहा कि – संस्कारित व्यक्ति ही अपने गृहस्थ धर्म का सफल निर्वाह करते हुए मोक्ष मार्ग को सफल बना सकता है।
जितने भी महापुरुष हुए हैं उनमें से अधिकांश व्यक्तियों को गर्भ से मिले हुए संस्कार ही उन्हें सफल बनाने में सिद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि टी वी, मोबाइल देखते हुए भोजन करने से मन पर गलत प्रभाव पड़ता है, भोजन दूषित हो तो मन एवं चरित्र भी दूषित हो जाता है । आठ दिवसीय संस्कार शिविर के समापन पर 300 से भी अधिक बालक बालिकाएं, युवक- युवतियों ने व्यसन मुक्ति ,धर्म के प्रति समर्पण गुरुजनों एवं माता पिता के सम्मान करने का संकल्प लिया । ।



सभी दीक्षार्थियों ने पहले संकल्प पत्र भरकर जमा किये तत्पश्चात ब्रह्मचारी द्वय ने धार्मिक मंत्रोच्चारण के साथ संकल्प दिलवाया। सभी शिविरार्थियों को चंदन का तिलक लगाकर एवं सम्मान पट्टिका ओढ़ाकर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंगलाचरण कुमारी अनमोल जैन ने किया आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं मुनि श्री सरल सागर जी महाराज के चित्रावरण राकेश वर्धमान , रत्नेश शाह , राकेश ट्रांसपोर्ट अशोक शाकाहार ने किया। दीप प्रज्ज्वलन श्रुतधाम महिला संगठन की सदस्यों ने किया । कुमारी सोनल जैन ने शिविर की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस शिविर में प्राकृत , संस्कृत भाषा सीखने का आकर्षण बढ़-चढ़ कर देखने को मिला, विधि जैन ने कहा भैया जी के इस शिविर में जो एक बार सम्मिलित हो जाता है उसको नया जीवन जीने की दिशा मिल जाती है , श्रीमती विनीता जैन मीना ड्रग होम, राकेश वर्द्धमान ने भी अपने विचार ब्यक्त किये। इस शिविर को सफल बनाने में ब्र. सुनील भैयाजी विदिशा, ब्र.पंकज जी अशोकनगर, ब्र. जिनेश भैयाजी, रत्नेश शाह, प्रमोद सराफ, राकेश ट्रांसपोर्ट , अनिल खेजरा, अरुण प्रकाश बुखारिया, संजय जैन नीलेश जैन प्रसन्न शाह, श्रीमती गीता चौधरी श्रीमति सोनू जैन, श्रीमति दीप्ति जैन , श्रीमति पिंकी जैन ज्योति ,निधि दीदी, अशोक शाकाहार, आदि का सम्मान श्री फल, शाल, एवं प्रतीक चिन्ह देकर समाज के अध्यक्ष ने किया। आभार व्यक्त राकेश वर्धमान ने किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
