ग्वालियर सकल जैन समाज की बैठक में हुआ चातुर्मास कमेटी का गठन

– डॉ वीरेन्द्र कुमार गंगवाल बने चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष

– बैठक में हुआ निर्णय – ऐतिहासिक और भव्य होगा विशुद्वमति माताजी का चातुर्मास

– चातुर्मास कमेटी शीध्र ही उप कमेटियों का गठनकर सौपेगी जिम्मेदारियां

ग्वालियर
। जैन धर्म की 53 वर्षों से साधनारत ग्वालियर में जन्मी इस युग की प्रथम गणिनी आर्यिका विशुद्वमति माताजी के ग्वालियर में चातुर्मास की तैयारियों को लेकर आज सकल जैन समाज के बैठक का अयोजन चम्पाबाग धर्मशाला में किया गया। जिसका ‘शुभारंभ पूज्य माताजी के चित्र के समीप दीप प्रज्वलन कर किया गया। पं. चन्द्रप्रकाश चंदर ने मंगलाचरण का गायन किया। बैठक में जुलाई से होने जा रहे माताजी के चातुर्मास कमेटी का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष डॉ वीरेन्द्र कुमार गंगवाल, मुख्य संयोजक पुरूषोत्तम जैन, संयोजक विनय कासलीवाल, महामंत्री बालचंद जैन, मंत्री विनेाद जैन मसालेवाले, कोषाध्यक्ष दिनेशचन्द्र जैन ऐंसाह वाले, सह कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र जैन वैक्सीन को सर्वसमिति से चयन किया गया। नवनिर्वाचित चातुर्मास कमेटी शीघ्र ही उपसमिति का गठन करते हुए आयोजन की जिम्मेदारी सौपेगी।
कार्यक्रम का संचालन प्रवीण गंगवाल ने किया!

बैठक को डॉ वीरेन्द्र क्रुमार गंगवाल, महेन्द्र कुमार एडवोकेट, डॉ मनोरमा पांडया, पं अजीत शास्त्री, संजय गोधा, बालचन्द्र जैन, दीपिका जैन, ममता जैन, डॉ ललिता जैन, पं चन्द्रप्रकाश चन्दर, वीरेन्द्र कुमार जैन, सचिन जैन मुरार, सुधीर जैन ने सम्बोधित किया एवं चातुर्मास को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने हेतु सुझाव दिये।
इस अवसर पर निर्मल पाटनी डॉ याशी जैन, महेंद्र जैन बंटी, पंकज बाकलीवाल, धरमचंद्र जैन, अनुपम चौधरी, आशीष जैन, योगेश बोहरा, संजीव अजमेरा, अनिल जैन, सोनल जैन, संगीता जैन, अर्चना जैन, प्रवीण गंगवाल सहित जैन समाज के अन्य लोग शामिल हुए!
जून में होगा माताजी का नगर में आगमन, 12 जुलाई को होगी चातुर्मास की स्थापना-

जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि पूज्य विशुद्वमती माताजी वर्तमान में आगरा विराजित हैं, ग्वालियर में उनका आगमन जून में होगा और 12 जुलाई को यहां

ग्वालियर में चार माह तक धर्म की गंगा बहेगी-

माताजी के बारे में कहा जाता है कि वह अपनी नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने में एवं उन्हंे धर्म से जोड़ने में अधिक जोर देती हैं। 53 वर्षों की साधना में धर्म का मर्म भी वह अच्छे से जानती हैं। उनके यहां चातुर्मास से निश्चित ग्वालियर में धर्म और संस्कारों का एक नया अध्याय जुडेगा।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
