भंवरा बनने का प्रयास करे प्रमाण साग़र महाराज
चार प्रमाणिक बात मुनि श्री प्रमाण साग़र महाराज ने बताई
देखो दो प्रकार के प्राणी होते है।
ऐक मक्खी एक भौरा। भौरा हमेशा फूल पर
बैठना पसन्द करता है। मक्खी के सामने एक तरफ मिठाई का थाल है और दूसरी तरफ विष्टा। मक्खी
मिठाई के थाल को छोड़कर विष्टा पर बैठना पसन्द करती है। आजक हमारे समाज में मक्खी की तरह के लोग बहुत है, जो बुराई की विष्टा पर भिनभिनाते रहते है। अच्छाई की मिठाई का स्वाद लेना नही जानते।
भंवरा बनने का प्रयास करें तभी हमारा जीवन निहाल होगा।
मुनि श्रीप्रमाण सागर महाराज
