क्षुल्लिका श्री 105 विवर्धमति माताजी समाधी दिवस पर भाव भीनी विनयाजली

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क्षुल्लिका श्री 105 विवर्धमति माताजी समाधी दिवस पर भाव भीनी विनयाजली

आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी संघ क्षुल्लिका श्री 105 विवर्धमति माताजी

एक परिचय

क्षुल्लिका श्री 105 विवर्ध श्री माताजी 20 साल की उम्र में वैराग्य से जुड़ गई थीं। इनका पहले नाम रेशमा देवी था और यह यूपी के एटा जिले की रहने वाली थीं। इनके तीन बेटे और एक पुत्री है। उनकी एक पुत्री वर्तमान मे गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी संघ मे प्रज्ञा पद्मिनी आर्यिका श्री 105 विज्ञमति माताजी के रूप मे संघ मे है जितनी सेवा जितनी निष्ठा विज्ञमति माताजी ने की वह किसी से अछूती नहीं है सेवा समर्पण त्याग का अगर कोई उदाहरण है आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी है

रिद्धी सिद्धि नगर का वह मंदिर का स्थान जहा आप समधिस्थ हुयी आज भी वहा उनकी चरण छतरी स्थापित है

कोन कहता है वह हमारे बीच नहीं जब भी हम उस स्थान पर जाते है वह हमे वही नज़र आती है

भाव भीना नमन

पदमकुमार सुलोचना

अभिषेक लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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