
जैन समाज के प्रमुख तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी की पवित्रता बनाए रखने के संबंध में जैन समाज के लोगों ने बुधवार को प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य को ज्ञापन सौंपा।
जैन समाज के प्रमुख तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी की पवित्रता बनाए रखने के संबंध में जैन समाज के लोगों ने बुधवार को प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों की उपस्थिति रही।
दिगंबर जैन पंचायत और दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र कुंडलगिरी के सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर को बताया कि झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले के मधुवन में स्थित सम्मेद शिखरजी पहाड़ी पौराणिक काल से ही जैन धर्म के अनुयाइयों का सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र है। जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थकरों की निर्वाण स्थली होने के कारण संपूर्ण जैन समाज के लिए सम्मेद शिखर जी के पहाड़ का कण-कण एक मंदिर के समान है। कुछ महीनों से इस पवित्र तीर्थ स्थल की पवित्रता को सैर सपाटे व पिकनिक के नाम पर नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पिकनिक, ट्रेकिंग या फिर मनोरंजन के लिए आने वाली यात्री इस पवित्र पहाड़ पर मांसाहार व शराब का सेवन करते पाए गए हैं।
जो अहिंसा व शांति प्रेमी जैन समुदाय के लिए बेहद पीड़ाजनक है। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से मांग की गई है कि इस तीर्थ क्षेत्र सहित संपूर्ण पारसनाथ पहाड़ी को पवित्र धर्म स्थली क्षेत्र घोषित किया जाए। जैन समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि भारत के संविधान की धारा 29 के तहत जैन समाज के सर्वोच्च् तीर्थ स्थल की पवित्रता को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाया जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों की मौजूदगी रही।
